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बिजली: स्मार्ट मीटर रोकेंगे बिजली चोरी,,,-City

Wed, 25 Oct 2017 07:58 PM IST
Updated Wed, 25 Oct 2017 07:58 PM IST
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बिजली: स्मार्ट मीटर रोकेंगे बिजली चोरी,,,-City
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स्मार्ट सिटी के लिए ‘स्मार्ट मीटर’
पहले ज्यादा लाइन लॉस वाले इलाकों में लगाए जाएंगे
अप्रैल 2018 से शुरू होगा नए मीटर लगाने का काम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
शहर के स्मार्ट बनने से पहले बिजली विभाग खुद को स्मार्ट बनाने जुटा है। बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग अब स्मार्ट मीटर लगाएगा। शुरूआती दौर में ज्यादा लाइन लॉस वाले इलाकों में और नियमित बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के घर पर यह मीटर लगाए जाएंगे। महानगर में अगले साल अप्रैल से इस पर काम शुरू होगा।
भारत सरकार की उदय योजना के अंतर्गत प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट मीटरिंग का कार्य कराया जा रहा है। शुरूआत में प्रदेश के 13 बड़े शहरों के अधिक लाइन हानियों वाले क्षेत्र में 40 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का काम होना है। यह काम ईईएसएल कंपनी को सौंपा गया है। योजना के पहले चरण में झांसी, कानपुर, लखनऊ, बनारस, गोरखपुर, इलाहाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, अलीगढ़, मथुरा, बरेली और फैजाबाद को शामिल किया गया है। बताया गया है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद मीटर रीडरों का काम बंद हो जाएगा। सभी मीटर ऑनलाइन सिस्टम से जुड़ जाएंगे। यह सिस्टम सभी मीटरों की रीडिंग उठाने बाद बिल जनरेट कर देगा। बिल बनने पर मेसेज उपभोक्ता के मोबाइल पर आ जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता सीधा काउंटर पर या ऑनलाइन बिल निकालकर जमा कर सकता है। विभाग बकाया जमा न करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन दफ्तर में बैठकर ही काट देगा। प्रमुख सचिव ऊर्जा और उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने आदेश जारी कर दिए है। महानगर में एक लाख तीन हजार उपभोक्ता हैं, जिसमें सत्तर हजार ही हर महीने बिल जमा करते हैं।
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‘अप्रैल 2018 से स्मार्ट मीटर लगना शुरू हो जाएंगे। शुरूआत में उन क्षेत्रों में मीटर लगाए जाएंगे, जहां बिजली चोरी ज्यादा हो रही हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के मीटर बदल दिए जाएंगे, जिनका कनेक्शन बकाया होने पर बार-बार कट जाता हो। अभी दस किलोवाट से कम वाले कनेक्शन में ही यह मीटर लगेंगे।’
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ओपीएस तोमर, मुख्य अभियंता वितरण।

ये होंगे बदलाव
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- मीटर रीडरों को घर-घर जाकर रीडिंग नहीं लेना पड़ेगा।
- दफ्तर में बैठकर कनेक्शन काटा और जोड़ा जा सकेगा।
- उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बिल निकालने और जमा करने की आदत डालनी पड़ेगी।
- मोबाइल पर बिल राशि का संदेश आएगा।
- फाल्ट पर बिजली जाने और आने के समय का संदेश भी मोबाइल पर आएगा।
- गलत बिल बनने पर उसका संशोधन भी ऑनलाइन हो जाएगा।

जानिए स्मार्ट मीटर
महानगर में अभी डिजिटल मीटर लगे हुए हैं। इसकी स्क्रीन पर खपत, भार और अन्य जानकारियां हर समय आती रहती हैं। अगर, किसी बकायेदार का कनेक्शन काटना हो तो विभाग को खंभे से केबल हटानी पड़ती है। जबकि स्मार्ट मीटर में ऐसा नहीं करना होगा। स्मार्ट मीटर को दफ्तर में ही बैठकर अधिकारी उसका कोड डालकर बंद कर सकते हैं। दफ्तर में ही बैठकर कनेक्शन जुड़ जाएगा। इससे कनेक्शन को खंभे से काटने और जोड़ने की झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। संविदा कर्मचारी भी मनमानी नहीं कर सकेंगे।


ग्रामीण क्षेत्रों में लगेंगे प्री पेड मीटर
भारत सरकार की सौभाग्य योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के कनेक्शनों में प्री पेड मीटर लगाए जाएंगे। प्री पेड मीटर लगने पर गांव वालों को मोबाइल की तरह पहले कार्ड खरीदना होगा। इसके बाद वे मीटर में कार्ड को फीड करने पर उतनी ही राशि की बिजली जला सकेेंगे। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी एक लाख कनेक्शन हैं, जिसमें छह हजार उपभोक्ता ही हर महीने बिल जमा करते हैं।
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