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पहूज का जलस्तर घटा, बढ़ा जल संकट
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पहूज का जलस्तर घटा, बढ़ा जल संकट
झांसी। पहूज बांध से होने वाली जलापूर्ति से लोगों को बेहद गंदा पानी मिल रहा है। जल शोधन के बाद भी पानी से बदबू व हरापन दूर नहीं हो पा रहा है। इससे लोग इसका उपयोग घरेलू कामों में तो कर रहे हैं, पर पीने का पानी हैंडपंप या बोरिंग से लाने को मजबूर हैं।
आम दिनों में पहूज बांध से दतिया गेट फिल्टर को छह एमएलडी कच्चा पानी रोज मिलता है। बांध में लगे दो पंपों की मदद से पानी फिल्टर तक पहुंचाया जाता है। गर्मियों में बांध का जलस्तर गिरने से चार एमएलडी पानी ही फिल्टर तक पहुंच पा रहा है। जल शोधन के बाद पानी की सप्लाई बाहर दतिया गेट रोड, थापक बाग, नकटा चौपड़ा, छुटकू का बगीचा, पंचवटी कालोनी, बाहर उन्नाव गेट, मेवाती पुरा, सरांय, अलीगोल, नई बस्ती, मुकरयाना, झारखड़िया आदि मुहल्लों को दी जाती है।
चूंकि, पहूज बांध में सिल्ट बढ़ने से जलभराव की क्षमता कम हो गई है। इस कारण भीषण गर्मी पड़ते ही बांध का पानी रंग बदलने लगा है। इन दिनों बांध से दतिया गेट फिल्टर को मिल रहा कच्चा पानी बेहद गंदा व हरा आ रहा है। जल शोधन में फिटकरी व मात्रा के अनुरूप ब्लीचिंग मिलाने के बाद भी पानी का रंग साफ व काई की गंध खत्म नहीं हो पा रही है। पानी में मिश्रित गंध के कारण लोगों को मजबूरन उसका उपयोग घरेलू काम में करना पड़ रहा है।
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इस संबंध में जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता कुलदीप सिंह ने बताया कि रोज पानी की जांच के लिए अवर अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें जलकर अभियंता अनिल कुमार, अवर अभियंता फरहद खान, जेपी गुप्ता, सूर्यसेन मल्ल, अजय यादव व सत्येंद्र कुमार खरे पानी की जांच कर रहे हैं। जांच के लिए ओटी सोल्यूशन व किट दी गई है। रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को दी जाती है।
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झांसी। पहूज बांध से होने वाली जलापूर्ति से लोगों को बेहद गंदा पानी मिल रहा है। जल शोधन के बाद भी पानी से बदबू व हरापन दूर नहीं हो पा रहा है। इससे लोग इसका उपयोग घरेलू कामों में तो कर रहे हैं, पर पीने का पानी हैंडपंप या बोरिंग से लाने को मजबूर हैं।
आम दिनों में पहूज बांध से दतिया गेट फिल्टर को छह एमएलडी कच्चा पानी रोज मिलता है। बांध में लगे दो पंपों की मदद से पानी फिल्टर तक पहुंचाया जाता है। गर्मियों में बांध का जलस्तर गिरने से चार एमएलडी पानी ही फिल्टर तक पहुंच पा रहा है। जल शोधन के बाद पानी की सप्लाई बाहर दतिया गेट रोड, थापक बाग, नकटा चौपड़ा, छुटकू का बगीचा, पंचवटी कालोनी, बाहर उन्नाव गेट, मेवाती पुरा, सरांय, अलीगोल, नई बस्ती, मुकरयाना, झारखड़िया आदि मुहल्लों को दी जाती है।
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चूंकि, पहूज बांध में सिल्ट बढ़ने से जलभराव की क्षमता कम हो गई है। इस कारण भीषण गर्मी पड़ते ही बांध का पानी रंग बदलने लगा है। इन दिनों बांध से दतिया गेट फिल्टर को मिल रहा कच्चा पानी बेहद गंदा व हरा आ रहा है। जल शोधन में फिटकरी व मात्रा के अनुरूप ब्लीचिंग मिलाने के बाद भी पानी का रंग साफ व काई की गंध खत्म नहीं हो पा रही है। पानी में मिश्रित गंध के कारण लोगों को मजबूरन उसका उपयोग घरेलू काम में करना पड़ रहा है।
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इस संबंध में जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता कुलदीप सिंह ने बताया कि रोज पानी की जांच के लिए अवर अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें जलकर अभियंता अनिल कुमार, अवर अभियंता फरहद खान, जेपी गुप्ता, सूर्यसेन मल्ल, अजय यादव व सत्येंद्र कुमार खरे पानी की जांच कर रहे हैं। जांच के लिए ओटी सोल्यूशन व किट दी गई है। रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को दी जाती है।