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दुसरी लैलतुल कद्र पर हुई इबादत
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दूसरी शबेकद्र पर मस्जिदों में रही रौनक
झांसी। माहे रमजान की दूसरी लैलतुल कद्र पर शहर भर की मस्जिदों में लोग रात भर इबादत कर अल्लाह से दुआएं मांगते रहे। इस दौरान रात भर शहर की मस्जिदों व मुस्लिम बस्तियों में काफी रौनक रही।
मुकद्दस रमजान को तीन अशरों में बांटा गया है। तीसरे अशरे की ताक रातों (21, 23, 25, 27, 29, ) में से कोई एक रात लैलतुल कद्र की रात होती है। इस रात की ताक रातों में जाग कर लोग इबादत करते है जिससे की लैलतुल कद्र की रात मिल सके और इबादत हो सके। इस रात को शहर भर की मस्जिदों में लोग जाग कर अल्लाह की इबादत करते हैं तो वहीं महिलाएं घरों में ही इबादत करती हैं। मंगलवार की रात 23 वीं शबेकद्र होने के कारण शहर भर की मस्जिदों में काफी रौनक देखने को मिली। सुबह सहरी के वक्त तक लोग जागकर अल्लाह पाक की इबादत करते रहे। इस दौरान विशेष नमाज सलातुत तस्बीह भी अदा की गई।
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झांसी। माहे रमजान की दूसरी लैलतुल कद्र पर शहर भर की मस्जिदों में लोग रात भर इबादत कर अल्लाह से दुआएं मांगते रहे। इस दौरान रात भर शहर की मस्जिदों व मुस्लिम बस्तियों में काफी रौनक रही।
मुकद्दस रमजान को तीन अशरों में बांटा गया है। तीसरे अशरे की ताक रातों (21, 23, 25, 27, 29, ) में से कोई एक रात लैलतुल कद्र की रात होती है। इस रात की ताक रातों में जाग कर लोग इबादत करते है जिससे की लैलतुल कद्र की रात मिल सके और इबादत हो सके। इस रात को शहर भर की मस्जिदों में लोग जाग कर अल्लाह की इबादत करते हैं तो वहीं महिलाएं घरों में ही इबादत करती हैं। मंगलवार की रात 23 वीं शबेकद्र होने के कारण शहर भर की मस्जिदों में काफी रौनक देखने को मिली। सुबह सहरी के वक्त तक लोग जागकर अल्लाह पाक की इबादत करते रहे। इस दौरान विशेष नमाज सलातुत तस्बीह भी अदा की गई।
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