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झांसी से टीकमगढ़, छतरपुर, दिल्ली जाएंगी बसें
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झांसी से टीकमगढ़, छतरपुर, दिल्ली जाएंगी बसें
झांसी। रोडवेज एक जून से छतरपुर, टीकमगढ़ और दिल्ली के लिए बस सेवा शुरू कर रहा है। इसके साथ ही कानपुर-झांसी-कोटा रूट पर चलने वाली बस भी पुन: शुरू कर दी जाएंगी। यह बस पिछले तीन माह से चल नहीं रही थीं। इसकी वजह रोडवेज यात्रियों की कमी होना बता रहा है।
झांसी और ललितपुर चारों ओर से मध्य प्रदेश की सीमाओं से घिरा हुआ है। टीकमगढ़, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर सहित मध्य प्रदेश के कई जिले झांसी परिक्षेत्र से लगे हुए हैं। इन जिलों सेप्रतिदिन हजारों की तादाद में मुसाफिरों का झांसी और ललितपुर में आना-जाना रहता है, जो बसों और ट्रेनों के जरिए होता है। इनमें अधिकांश यात्री प्राइवेट बसों का उपयोग आवागमन में करते हैं। बीते कुछ साल पूर्व रोडवेज का मध्य प्रदेश के परिवहन निगम से अनुबंध हुआ था, जिसके बाद रोडवेज ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर, टीकमगढ़ सहित कई अन्य क्षेत्रों के लिए बस सेवा शुरू की थी। यात्रियों की मांग पर इस सेवा को और विस्तार दिया जा रहा है। अब झांसी से छतरपुर, फिर छतरपुर से दिल्ली के लिए चार बसें चलेंगी। इसके साथ ही झांसी से टीकमगढ़, फिर टीकमगढ़ से दिल्ली के लिए दो बसें चलाई जा रही हैं। इस रूट पर पहले से ही दो बसें चल रही हैं। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राम लवट के अनुसार जिन नई बसों का संचालन शुरू हो रहा है। उनका समय निर्धारण जल्द कर दिया जाएगा। यह सभी बसें महानगर के बस स्टैंड से चलेंगी।
जल्द मिलेंगी छह और नई एसी बसें
रोडवेज झांसी परिक्षेत्र को जल्द ही छह और नई एयर कंडीशनर बस मुख्यालय से प्राप्त होंगी। अभी तक सिर्फ चार बसें ही झांसी परिक्षेत्र को मिली हैं, जो लखनऊ और कानपुर रूट पर चल रही हैं। हालांकि मुख्यालय ने झांसी को दस एयर कंडीशनर बस देने का फैसला किया था, जो बाद में चुनावी प्रक्रिया के चलते लटक गया और सिर्फ चार बसें ही प्राप्त हो सकी थीं।
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बसें हो रही हैं वापस
चुनाव में झांसी डिपो से 80 बसें लगी थीं। जिनक ी वापसी की प्रक्रिया तेज हो गई है। इतनी संख्या में बसों के चुनाव में लगने से कई रूटों पर बस सेवा प्रभावित थी। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के रूटों पर। लेकिन रोडवेज के अधिकारी लगातार इससे इनकार करते रहे। इनका कहना था कि बसों से अतिरिक्त फेरे लगवाए गए।
झांसी। रोडवेज एक जून से छतरपुर, टीकमगढ़ और दिल्ली के लिए बस सेवा शुरू कर रहा है। इसके साथ ही कानपुर-झांसी-कोटा रूट पर चलने वाली बस भी पुन: शुरू कर दी जाएंगी। यह बस पिछले तीन माह से चल नहीं रही थीं। इसकी वजह रोडवेज यात्रियों की कमी होना बता रहा है।
झांसी और ललितपुर चारों ओर से मध्य प्रदेश की सीमाओं से घिरा हुआ है। टीकमगढ़, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर सहित मध्य प्रदेश के कई जिले झांसी परिक्षेत्र से लगे हुए हैं। इन जिलों सेप्रतिदिन हजारों की तादाद में मुसाफिरों का झांसी और ललितपुर में आना-जाना रहता है, जो बसों और ट्रेनों के जरिए होता है। इनमें अधिकांश यात्री प्राइवेट बसों का उपयोग आवागमन में करते हैं। बीते कुछ साल पूर्व रोडवेज का मध्य प्रदेश के परिवहन निगम से अनुबंध हुआ था, जिसके बाद रोडवेज ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर, टीकमगढ़ सहित कई अन्य क्षेत्रों के लिए बस सेवा शुरू की थी। यात्रियों की मांग पर इस सेवा को और विस्तार दिया जा रहा है। अब झांसी से छतरपुर, फिर छतरपुर से दिल्ली के लिए चार बसें चलेंगी। इसके साथ ही झांसी से टीकमगढ़, फिर टीकमगढ़ से दिल्ली के लिए दो बसें चलाई जा रही हैं। इस रूट पर पहले से ही दो बसें चल रही हैं। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राम लवट के अनुसार जिन नई बसों का संचालन शुरू हो रहा है। उनका समय निर्धारण जल्द कर दिया जाएगा। यह सभी बसें महानगर के बस स्टैंड से चलेंगी।
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जल्द मिलेंगी छह और नई एसी बसें
रोडवेज झांसी परिक्षेत्र को जल्द ही छह और नई एयर कंडीशनर बस मुख्यालय से प्राप्त होंगी। अभी तक सिर्फ चार बसें ही झांसी परिक्षेत्र को मिली हैं, जो लखनऊ और कानपुर रूट पर चल रही हैं। हालांकि मुख्यालय ने झांसी को दस एयर कंडीशनर बस देने का फैसला किया था, जो बाद में चुनावी प्रक्रिया के चलते लटक गया और सिर्फ चार बसें ही प्राप्त हो सकी थीं।
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बसें हो रही हैं वापस
चुनाव में झांसी डिपो से 80 बसें लगी थीं। जिनक ी वापसी की प्रक्रिया तेज हो गई है। इतनी संख्या में बसों के चुनाव में लगने से कई रूटों पर बस सेवा प्रभावित थी। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के रूटों पर। लेकिन रोडवेज के अधिकारी लगातार इससे इनकार करते रहे। इनका कहना था कि बसों से अतिरिक्त फेरे लगवाए गए।