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शिक्षा
Updated Tue, 17 Oct 2017 01:54 AM IST
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पानी एवं स्टाफ के अभावों से जूझता बालिका इंटर कालेज
तालबेहट। छात्र छात्राओं को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने का दावा करने वाली राज्य सरकार के दावे राजकीय बालिका इंटर कालेज में व्याप्त कमियों को देखते हुए पूरी तरह से हवा हवाई नजर आ रहे हैं। विद्यालय में न तो पूरा स्टाफ है और न ही छात्राओं को पीने के पानी की व्यवस्था है। सुविधाओं के अभाव में लाखों रुपये की लागत से बना छात्रावास धूल खा रहा है।
नगर में छात्राओं के लिए इंटर मीडिएट तक आर्ट्स और हाईस्कूल तक विज्ञान की शिक्षण सुविधा के लिए राजकीय बालिका इंटर कालेज है। इस विद्यालय में तीन हजार से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन छात्राओं को पढ़ाने का कार्य इस समय मात्र ग्यारह शिक्षिकाओं के ऊपर है। जिसमें एक शिक्षिका को उच्च अधिकारियों ने तेरई फाटक स्थित एक विद्यालय भेज दिया है। शिक्षिकाओं की कमी के चलते अध्यापिका अभिभावक संघ से बेरोजगार छात्राओं का अल्प वेतन पर रखकर शिक्षण व्यवस्था बना कर काम चलाया जा रहा है।
विद्यालय में बाहर से आने वाली छात्राओं को रहने के लिए लाखों रुपये की कीमत से एक छात्रावास बनाया गया था परंतु इसमें पानी की माकूल व्यवस्था न होने से पूरा छात्रावास सफेद हाथी साबित हो रहा है।
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वहीं विद्यालय में पानी के लिए चार बोर हैं और जल संयोजन भी है। जल संस्थान द्वारा पिछले काफी समय से यहां पानी की एक बूंद नसीब नहीं कराई जा सकी। वहीं चार बोरों से दो बोरों में एक बूंद भी पानी नहीं आ रहा है । शेष दो बोरों से मिलने वाले पानी से ही विद्यालय में बनी टंकी भरने का काम होता है। जिससे छात्राएं अपनी प्यास बुझाती हैं।
विद्यालय में दो लिपिकों के पद हैं परंतु कोई भी लिपिक नहीं है। इसके कारण दफ्तर से लिपिक का कार्य लिया जा रहा है। विद्यालय में इस समय कोई सफाई कर्मचारी भी नहीं है।
बॉक्स में
पानी की समस्या गंभीर - अंजना वर्मा
तालबेहट। विद्यालय में व्याप्त समस्याओं के बारे में पूछने पर प्रधानाचार्या अंजना वर्मा ने बताया कि विद्यालय में पेयजल की गंभीर समस्या है। इसके चलते छात्राएं घरों से पानी लाती हैं, परन्तु इतनी गर्मी में एक बोतल पानी काफी कम है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों को भी अवगत करा चुकी हैं परंतु आज तक इसका कोई स्थाई समाधान नहीं हो सका।
तालबेहट। छात्र छात्राओं को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने का दावा करने वाली राज्य सरकार के दावे राजकीय बालिका इंटर कालेज में व्याप्त कमियों को देखते हुए पूरी तरह से हवा हवाई नजर आ रहे हैं। विद्यालय में न तो पूरा स्टाफ है और न ही छात्राओं को पीने के पानी की व्यवस्था है। सुविधाओं के अभाव में लाखों रुपये की लागत से बना छात्रावास धूल खा रहा है।
नगर में छात्राओं के लिए इंटर मीडिएट तक आर्ट्स और हाईस्कूल तक विज्ञान की शिक्षण सुविधा के लिए राजकीय बालिका इंटर कालेज है। इस विद्यालय में तीन हजार से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन छात्राओं को पढ़ाने का कार्य इस समय मात्र ग्यारह शिक्षिकाओं के ऊपर है। जिसमें एक शिक्षिका को उच्च अधिकारियों ने तेरई फाटक स्थित एक विद्यालय भेज दिया है। शिक्षिकाओं की कमी के चलते अध्यापिका अभिभावक संघ से बेरोजगार छात्राओं का अल्प वेतन पर रखकर शिक्षण व्यवस्था बना कर काम चलाया जा रहा है।
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विद्यालय में बाहर से आने वाली छात्राओं को रहने के लिए लाखों रुपये की कीमत से एक छात्रावास बनाया गया था परंतु इसमें पानी की माकूल व्यवस्था न होने से पूरा छात्रावास सफेद हाथी साबित हो रहा है।
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वहीं विद्यालय में पानी के लिए चार बोर हैं और जल संयोजन भी है। जल संस्थान द्वारा पिछले काफी समय से यहां पानी की एक बूंद नसीब नहीं कराई जा सकी। वहीं चार बोरों से दो बोरों में एक बूंद भी पानी नहीं आ रहा है । शेष दो बोरों से मिलने वाले पानी से ही विद्यालय में बनी टंकी भरने का काम होता है। जिससे छात्राएं अपनी प्यास बुझाती हैं।
विद्यालय में दो लिपिकों के पद हैं परंतु कोई भी लिपिक नहीं है। इसके कारण दफ्तर से लिपिक का कार्य लिया जा रहा है। विद्यालय में इस समय कोई सफाई कर्मचारी भी नहीं है।
बॉक्स में
पानी की समस्या गंभीर - अंजना वर्मा
तालबेहट। विद्यालय में व्याप्त समस्याओं के बारे में पूछने पर प्रधानाचार्या अंजना वर्मा ने बताया कि विद्यालय में पेयजल की गंभीर समस्या है। इसके चलते छात्राएं घरों से पानी लाती हैं, परन्तु इतनी गर्मी में एक बोतल पानी काफी कम है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों को भी अवगत करा चुकी हैं परंतु आज तक इसका कोई स्थाई समाधान नहीं हो सका।