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रिटर्न में देरी पर रोज 100 रुपये अर्थदंड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 May 2017 01:15 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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वाणिज्य कर कार्यालय में शनिवार को आयोजित सेमिनार में जीएसटी पर जागरूक कर व्यापारियों की जिज्ञासाएं दूर की गई। इसमें बताया गया कि रिटर्न दाखिल करने पर हर दिन 100 रुपये अर्थदंड लगेगा।
इस अवसर पर एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन दयाशंकर तिवारी ने बताया कि जीएसटी में 20 लाख और इससे अधिक का वार्षिक टर्न ओवर वाले कारोबारियों को पंजीकरण लेना अनिवार्य है। साथ ही 20 लाख से कम टर्न ओवर के उन कारोबारियों को पंजीकरण लेना आवश्यक है जो प्रदेश के बाहर आपूर्ति करते हैं अथवा ई कॉमर्स के माध्यम से खरीद- बिक्री करते हैं। जीएसटी में सभी कार्य ऑनलाइन होगा। व्यापारियों के सहयोग के लिए सुविधा केंद्रों और जीएसटी प्रैक्टिशनर की भी सुविधा उपलब्ध होगी। जीएसटी में रिटर्न देरी से दाखिल करने पर एक सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अर्थदंड लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा पांच हजार रुपये तक होगी। सेमिनार में गौरव लिखधारी, संजय गुप्ता, निखिल दुबे, शशिकांत कारलेकर, हंसराज सैनी, वीरेंद्र खरे, विनोद साहू, राजीव सहगल, श्याम अग्रवाल, निशंक दुबे, प्रेमनारायण जाटव, संजय गुप्ता मौजूद थे। अंत में डिप्टी कमिश्नर लल्लन मौर्य ने आभार व्यक्त किया।
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इस अवसर पर एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन दयाशंकर तिवारी ने बताया कि जीएसटी में 20 लाख और इससे अधिक का वार्षिक टर्न ओवर वाले कारोबारियों को पंजीकरण लेना अनिवार्य है। साथ ही 20 लाख से कम टर्न ओवर के उन कारोबारियों को पंजीकरण लेना आवश्यक है जो प्रदेश के बाहर आपूर्ति करते हैं अथवा ई कॉमर्स के माध्यम से खरीद- बिक्री करते हैं। जीएसटी में सभी कार्य ऑनलाइन होगा। व्यापारियों के सहयोग के लिए सुविधा केंद्रों और जीएसटी प्रैक्टिशनर की भी सुविधा उपलब्ध होगी। जीएसटी में रिटर्न देरी से दाखिल करने पर एक सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अर्थदंड लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा पांच हजार रुपये तक होगी। सेमिनार में गौरव लिखधारी, संजय गुप्ता, निखिल दुबे, शशिकांत कारलेकर, हंसराज सैनी, वीरेंद्र खरे, विनोद साहू, राजीव सहगल, श्याम अग्रवाल, निशंक दुबे, प्रेमनारायण जाटव, संजय गुप्ता मौजूद थे। अंत में डिप्टी कमिश्नर लल्लन मौर्य ने आभार व्यक्त किया।
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