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Jhansi News: झांसी में होगा 53 हजार करोड़ का निवेश, 100 कंपनियां शुरू करेंगी कारोबार

Tue, 10 Jan 2023 10:43 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 10 Jan 2023 10:43 PM IST
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100 company start bussiness, from 53 thousand carore
झांसी। फरवरी में लखनऊ में होने जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले झांसी में भारी भरकम निवेश होने का रास्ता साफ हो गया है। यहां कारोबार और उद्योगों की स्थापना के लिए 100 कंपनियों का सरकार से करार हो चुका है। ये कंपनियां यहां 53 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। इससे 50 हजार से अधिक नई नौकरियां भी सृजित होंगी।
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देश और प्रदेश में झांसी समेत पूरे बुंदेलखंड की पहचान औद्योगिक रूप से पिछड़े इलाके के रूप में होती है। लेकिन, अब यह इलाका अपनी इस पहचान को बदलने जा रहा है। यहां की बंजर जमीनों पर उद्योगों की फसल लहलहाएगी। रोजगार की भी भरमार होगी। अगले माह होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले ही यहां उद्योगों की स्थापना के लिए प्लानिंग शुरू हो गई है। स्थापित होने वाले इन उद्योगों में 50,641 लोगों को सीधे तौर पर रोजगार हासिल होगा। इन सभी कंपनियों की ओर से मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग (एमओयू) साइन कर दिया गया है।
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इन उद्योगों की होगी यहां स्थापना
झांसी। झांसी में बढ़े पैमाने पर सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। ई-व्हीकल बनाने की यहां फैक्टरी लगाई जाएगी। गाड़ियों के स्पेयर पार्ट्स यहां बनाए जाएंगे। मिनरल वाटर उत्पादन की यूनिट स्थापित की जाएगी। फूड प्रोसेसिंग की इकाइयों की स्थापना होगी। वस्त्र उद्योग से जुड़ीं कई इकाइयां यहां स्थापित होंगी। दुग्ध उत्पादों से जुड़ीं यूनिटें स्थापित होंगी। जबकि, डिफेंस कॉरिडोर में रक्षा उत्पाद बनाने वाली इकाइयां यहां पहले से ही प्रस्तावित हैं।
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इसलिए यहां आकर्षित हो रहे हैं उद्यमी...
- जमीन की यहां पर्याप्त उपलब्धता है। ज्यादातर जमीन कम उपजाऊ व बंजर हैं। अच्छी कीमत मिलने पर इन्हें देने के लिए ग्रामीण आसानी से तैयार हो जाते हैं। इसके अलावा सरकारी जमीनें भी खूब हैं।
- श्रम शक्ति की भी यहां कोई कमी नहीं है। वर्तमान में स्थिति यह है कि यहां के श्रमिक देश के लगभग सभी महानगरों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
- ट्रांसपोर्टेशन के लिहाज से भी झांसी की स्थिति बेहतर है। देश के हर हिस्से से यहां से रेल व सड़क की सीधी कनेक्टिविटी है।
पहले से ही शुरू हो चुकी थी तैयारी
झांसी। उद्योगों के लिए यहां जमीन की व्यवस्था पहले से ही की जाने लगी थी। नोएडा की तर्ज पर झांसी औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीडा) बनाने का प्रस्ताव यहां से पहले से ही शासन को भेजा जा चुका है। इसके लिए झांसी सदर तहसील के 23 गांवों की 10,450 हेक्टेअर जमीन चिह्नित की गई है। जबकि, इससे पहले डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड के लिए भी 1034 हेक्टेअर जमीन यूपीडा द्वारा ली जा चुकी है। यानी की उद्योगों की स्थापना के लिए यहां जमीन की कोई कमी नहीं है।

झांसी में निवेश को लेकर उद्यमियों ने उम्मीद से कहीं ज्यादा रुचि दिखाई है। सौ कंपनियां एमओयू साइन कर चुकी हैं। वे यहां 53 हजार करोड़ से अधिक का निवेश करेंगे। इससे पचास हजार से अधिक को रोजगार हासिल होगा। - मनीष चौधरी, उपायुक्त उद्योग
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