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100 बेड का बनेगा ट्रामा सेंटर, मॉड्यूलर ओटी भी होगी

Wed, 17 Feb 2021 11:54 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2021 11:54 PM IST
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100 bed will be made trama center
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी से अलग बनेगा ट्रामा सेंटर।
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का आधुनिक ट्रामा सेंटर बनेगा। इसमें 40 बेड का आईसीयू भी होगा। यहां पर मॉड्यूलर ओटी भी शुरू होगी। इसके अलावा कई आधुनिक मशीनें भी आएंगी। इससे मरीजों को इलाज में काफी सहूलियत मिलेगी।
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मेडिकल कॉलेज में अभी ट्रामा सेंटर इमरजेंसी के साथ ही चल रहा है। यहां पर काफी भीड़भाड़ रहती है। मरीज काफी ज्यादा आते हैं और बेड की संख्या बहुत कम है। इमरजेंसी में तीन कक्ष बने हुए हैं। सभी कक्ष में छह-छह बेड हैं। इसके अलावा फर्स्ट एड वाले कक्ष में भी छह बेड हैं। कुल मिलाकर यहां पर सिर्फ 24 बेड हैं। यहीं पर बाल रोग विभाग के गंभीर रोगियों को भी भर्ती किया जाता है। कभी-कभी तो स्थिति ये हो जाती है कि हर बेड पर तीन-तीन बच्चों को भर्ती करना पड़ता है। वहीं, कभी-कभी गैलरी में जमीन पर गद्दे डालकर या फिर स्ट्रेचर पर दुर्घटना में शिकार मरीजों को भर्ती करना पड़ता है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए काफी समय से अलग-अलग इमरजेंसी और ट्रामा सेंटर की जरूरत महसूस की जा रही थी। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने महापौर रामतीर्थ सिंघल से बात करके अलग ट्रामा सेंटर का प्रस्ताव रखा। इस पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेडिकल कॉलेज में सौ बेड का अलग ट्रामा सेंटर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जाने लगा है। प्राचार्य ने बताया कि ट्रामा सेंटर शुरू होने से मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
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मेडिकल कॉलेज में अलग ट्रामा सेंटर बनने के बाद यहां पर आईसीयू के अलावा अलग वार्ड बनेगा। डॉक्टरों के चेंबर भी अलग-अलग बनाए जाएंगे। यहां पर वेंटिलेटर, मॉनीटर, सर्जिकल उपकरण आदि मंगवाए जाएंगे।
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दिन भर में आते 50 से ज्यादा मरीज
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में झांसी ही नहीं बुंदेलखंड समेत आसपास के जनपदों के भी मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं। बताया गया कि दिनभर में 50 से ज्यादा मरीज यहां उपचार कराने आते हैं। वहीं, कभी कभार बड़ा हादसा हो जाने पर एक दम से घायलों के आने से उन्हें भर्ती करने में दिक्कत हो जाती है। कम बेड होने पर गैलरी में भी मरीजों को लिटाना पड़ता है। ऐसे में ट्रामा सेंटर शुरू होने के बाद घायल मरीजों को भर्ती करने में परेशानी नहीं होगी।
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