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जयाप्रदा ने लगाया आजम पर गंभीर आरोप

Thu, 26 Dec 2013 01:18 PM IST
अमर उजाला, रामपुर
अमर उजाला, रामपुर Updated Thu, 26 Dec 2013 01:18 PM IST
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jayaprada said about azam khan

उत्तर प्रदेश के रामपुर में सांसद जयाप्रदा ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर वो अभी अपने पत्ते नहीं खोलना चाहती हैं। पहले अन्य राजनीतिक दलों की स्थिति साफ हो जाए, इसके बाद वो भी कोई न कोई निर्णय जरूर लेंगी।

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उन्होंने कहा कि सपा के नेता यह समझ रहे हैं कि जयाप्रदा को पार्टी से बाहर निकाल दिया तो उनका राजनीतिक कैरियर खत्म हो गया। ऐसा नहीं है और भी बहुत सारे विकल्प हैं। कौन सा विकल्प हमारे लिए ठीक रहेगा, इसका फैसला अमर सिंह करेंगे। बहुत जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी।
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जयाप्रदा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता रामपुर से ही लोकसभा का चुनाव लड़ने की होगी। वो जिस पार्टी में शामिल होंगी, उसके नेताओं को इस बात से अवगत करा देंगी। इसके बाद उस पार्टी का निर्णय होगा कि वह उनको कहां से चुनावी मैदान उतारती हैं।
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जयाप्रदा ने कहा कि 2004 आजम खां उनको यहां लोकसभा चुनाव लड़वाने के लिए जरूर लाए थे, लेकिन उनका मकसद चुनाव जितवाना नहीं था। जनता ने साथ दिया और मैं चुनाव जीत गई।

दूसरी बार आजम खां ने जोरदार विरोध किया। इस बार भी जनता ने खुलकर साथ दिया। 2009 में आजम खां ने रामपुर से सपा का टिकट शहीद हेमंत करकरे की पत्नी को देने का प्रस्ताव रखा था। अब देवयानी को लेकर रामपुर से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दे रहे हैं। मैं पहले देख लेना चाहती हूं कि मैदान में कौन-कौन आ रहा है? इसके बाद मैं अपने पत्ते खोलूंगी। थोड़ा इंतजार कीजिए, जल्द ही पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।

सांसद ने कहा कि वो रामपुर के लोगों के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। रामपुर की जनता को भी तो जुल्म व ज्यादती के खिलाफ आवाज उठाने को तैयार होना होगा। एक आवाज उठी तो वो उसके पीछे नहीं बल्कि आगे खड़ी होंगी। उन्होंने दिल्ली में सरकार बनाने के लिए अरविंद केजरीवाल को बधाई दी।

साथ ही मुजफ्फरनगर के राहत शिविर में रहने वाले लोगों को लेकर दिए गए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के बयान को भी गलत बताया। सांसद ने रामपुर के साथ-साथ पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाया।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भेजा पत्र
सांसद जयाप्रदा ने रामपुर में ऐतिहासिक धरोहरों को राजनीतिक दबाव में तोड़े जाने की शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व केंद्रीय संस्कृति मंत्री से की है। उन्होंने कहा कि रामपुर में ऐतिहासिक इमारतें नवाबी काल में जरूर बनाई गई थीं, लेकिन अब ये जनता को समर्पित हो चुकी हैं।

जनहित में इन धरोहरों को बचाने का प्रयास किया जाए, जिन धरोहरों को तोड़ा गया है उस मामले में जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

'रामपुर नहीं आने देना चाहते हैं आजम'
सांसद जयाप्रदा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां उनको रामपुर नहीं आने देना चाहते हैं। वो यहां जिस होटल में ठहरती थीं, उसको आजम खां ने यह कहकर मना करा दिया है कि अगर जयाप्रदा को रुकने दिया तो होटल गिरवा दिया जाएगा।


इसके साथ ही अधिकारी उनको पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में कमरा यह कहकर नहीं दे रहे हैं कि कोई कमरा खाली नहीं है। अधिकारी भी आजम खां के दबाव में हैं। सांसद ने अधिकारियों से कहा है कि वो लिखकर दें कि गेस्ट हाउस में कोई कमरा नहीं खाली है। दूसरी ओर आजम खां से जब सांसद के आरोपों के बारे में पूछा गया तो वो सवाल को टाल गए।

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