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यासिर मलिक का पुतला फूंका
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Mon, 13 Apr 2015 12:12 AM IST
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सामाजिक संस्था युवा चेतना मंच ने रविवार को भगासा चौराहे पर जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता यासिर मलिक का पुतला फूंक कर विरोध जताया।
मंच के कार्यकर्ताओं ने कहा कि पाकिस्तान की जुबान बोलने वाले अलगाववादी नेता यासिर मलिक पर देशद्रोह का मुकदमा चलाना चाहिए।
मंच के अध्यक्ष विपिन तिवारी के नेतृत्व में भगासा चौराहे पर जुटे लोगों ने कहा कि जो लोग भारत का अन्न खाते हैं और पाकिस्तान की जुबान बोलते हैं उन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाना चाहिए। इस तरह की हरकत करने वालों को
किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के सरकार के फैसले पर विरोध जताकर यासिर मलिक ने अपनी राष्ट्र द्रोही मानसिकता का परिचय दिया है। कश्मीरी पंडितों की घर वापसी का विरोध
करना आतंकी साजिश का हिस्सा है। भारत सरकार को शीघ्र ही घर वापसी का रास्ता साफ करना चाहिए। सरकार को कश्मीरी पंडितों की घर वापसी कराकर उनकी सुरक्षा के इंतजाम करना चाहिए। इसका विरोध करने वाले किसी भी नेता
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की जगह जेल में होनी चाहिए। ऐसे लोगों की देश का नागरिक होने की कोई भी सुविधा नहीं मिलनी चाहिए। इससे देश की एकता और अखंडता प्रभावित होती है। इस मौके पर रवींद्र सिंह, महेंद्र पांडेय, रामसमुझ, प्रमोद , रामसूरत यादव, प्रदीप वर्मा, किशोरीलाल, रामलखन, श्यामनारायण, बबलू पांडेय आदि मौजूद थे।
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मंच के कार्यकर्ताओं ने कहा कि पाकिस्तान की जुबान बोलने वाले अलगाववादी नेता यासिर मलिक पर देशद्रोह का मुकदमा चलाना चाहिए।
मंच के अध्यक्ष विपिन तिवारी के नेतृत्व में भगासा चौराहे पर जुटे लोगों ने कहा कि जो लोग भारत का अन्न खाते हैं और पाकिस्तान की जुबान बोलते हैं उन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाना चाहिए। इस तरह की हरकत करने वालों को
किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के सरकार के फैसले पर विरोध जताकर यासिर मलिक ने अपनी राष्ट्र द्रोही मानसिकता का परिचय दिया है। कश्मीरी पंडितों की घर वापसी का विरोध
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करना आतंकी साजिश का हिस्सा है। भारत सरकार को शीघ्र ही घर वापसी का रास्ता साफ करना चाहिए। सरकार को कश्मीरी पंडितों की घर वापसी कराकर उनकी सुरक्षा के इंतजाम करना चाहिए। इसका विरोध करने वाले किसी भी नेता
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की जगह जेल में होनी चाहिए। ऐसे लोगों की देश का नागरिक होने की कोई भी सुविधा नहीं मिलनी चाहिए। इससे देश की एकता और अखंडता प्रभावित होती है। इस मौके पर रवींद्र सिंह, महेंद्र पांडेय, रामसमुझ, प्रमोद , रामसूरत यादव, प्रदीप वर्मा, किशोरीलाल, रामलखन, श्यामनारायण, बबलू पांडेय आदि मौजूद थे।