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महिलाओं ने जीवित्पुत्रिका व्रत रखकर पुत्रों के दीर्घायु होने का मांगा आशीर्वाद
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शीतला धाम चौकियां में जिवीत्पुत्रिका पूजन करतीं व्रती महिलाएं। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। पुत्रों के दीर्घायु और सुखमय जीवन के लिए महिलाओं ने रविवार को जीवित्पुत्रिका का व्रत रखा। निर्जला व्रत रखकर पुत्रों के मंगल की कामना की। शाम के समय फल, मीठा आदि चढ़ाकर पूजा अर्चना की। टोकरी में फल, मिठाई और अन्य प्रसाद लेकर नजदीक के मंदिर और गोट पर पहुंच पूजा की।
रविवार की सुबह स्नान करने के बाद सूर्यदेव का पूजनकर हर महिलाओं ने निर्जला व्रत का अनुष्ठान शुरू किया। शाम को महिलाएं पूजा के लिए एक स्थान पर एकत्रित हुई। रविवार को महिलाएं नदी के किनारे अथवा मंदिर परिसर में गोट बनाकर जिउतिया माता की पूजा की। कथा श्रवण किया गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पूजन और कथा श्रवण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने से मेले जैसा दृश्य हो गया था।
बांस से बनी टोकरी अथवा थाल में फल और पूजन सामग्री लेकर पूजा स्थल पर पहुंची। जहां गोट बनाकर जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा सुनी। जिउतिया व्रत को लेकर रविवार को सुबह से ही बाजारों में काफी चहल पहल रही। फलों की जमकर खरीददारी हुई। त्योहार के चलते शहर दिन भर जिउतिया के धागे को बेचने वाले घूमते हुए देखे गए। बाजारों में फलों में सेब, केला, आनार की खूब खरीददारी हुई। शहर के पालिटेक्निक चौराहा, लाइन बाजार, मछलीशहर पड़ाव, नईगंज, कचहरी रोड़, कुत्तूपुर आदि स्थानों पर मेले का आयोजन किया गया। देर शाम तक पूजन के लिए महिलाओं की भीड़ रही है। शाम के समय पूजा कर घर वापस लौटने के बाद पास पड़ोस में प्रसाद वितरित किया।
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रविवार की सुबह स्नान करने के बाद सूर्यदेव का पूजनकर हर महिलाओं ने निर्जला व्रत का अनुष्ठान शुरू किया। शाम को महिलाएं पूजा के लिए एक स्थान पर एकत्रित हुई। रविवार को महिलाएं नदी के किनारे अथवा मंदिर परिसर में गोट बनाकर जिउतिया माता की पूजा की। कथा श्रवण किया गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पूजन और कथा श्रवण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने से मेले जैसा दृश्य हो गया था।
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बांस से बनी टोकरी अथवा थाल में फल और पूजन सामग्री लेकर पूजा स्थल पर पहुंची। जहां गोट बनाकर जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा सुनी। जिउतिया व्रत को लेकर रविवार को सुबह से ही बाजारों में काफी चहल पहल रही। फलों की जमकर खरीददारी हुई। त्योहार के चलते शहर दिन भर जिउतिया के धागे को बेचने वाले घूमते हुए देखे गए। बाजारों में फलों में सेब, केला, आनार की खूब खरीददारी हुई। शहर के पालिटेक्निक चौराहा, लाइन बाजार, मछलीशहर पड़ाव, नईगंज, कचहरी रोड़, कुत्तूपुर आदि स्थानों पर मेले का आयोजन किया गया। देर शाम तक पूजन के लिए महिलाओं की भीड़ रही है। शाम के समय पूजा कर घर वापस लौटने के बाद पास पड़ोस में प्रसाद वितरित किया।
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