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विवि में हर छात्र के हाथ में होगी टेक्स्ट बुक
अमर उजाला ब्यूरो, जौनपुर
Updated Thu, 23 Jul 2015 11:51 PM IST
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों में टेक्स्ट बुक पढ़ने में रुचि बढ़ाने के लिए सभी छात्रों को केंद्रीय और विभागीय लाइब्रेरी से बुक कार्ड देगा।
प्रदेश में पूविवि पहला ऐसा विश्वविद्यालय है जहां ऐसी व्यवस्था की जा रही है। दाखिला लेने वाले किसी भी छात्र को बाहर से किताबें नहीं खरीदनी पड़ेगी।
छात्रों की संख्या के हिसाब से विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले से ही किताबों की व्यवस्था कर रखी है। हर विभाग में सीटों की संख्या के हिसाब से किताबों का सेट तैयार कर लिया गया है।
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दाखिला के बाद छात्रों को बुक कार्ड बन जाएगा। इसी कार्ड पर छात्रों को किताब मुहैया कराई जाएगी। स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में पहले से ही किताबों की खेप पहुंच चुकी है।
सभी किताबें अच्छे लेखकों की हैं। किताबें विश्वविद्यालय में चल रहे पाठ्यक्रम पर आधारित हैं। छात्रों को पूरा कोर्स इन किताबों में आसानी से उपलब्ध हो जाएगा।
किस सेमेस्टर में कौन सी बुक पढ़ाई जाती है इसे छात्रों को बताना नहीं पड़ेगा। डिपार्टमेंट और सेमेस्टर का नाम बताते ही किताबें उनके हाथ में होंगी। लाइब्रेरी के हर रैक में सेमेस्टर और प्रश्न पत्र वार किताबें पहले से व्यवस्थित
कर दी गई हैं। ताकि जब छात्र लाइब्रेरी के काउंटर पर पहुंचे तो बिना समय नुकसान किए ही किताबें उन्हें मिल जाएं। लाइब्रेरी में तैनात लोगों को भी अधिक समय न लगाना पड़े। पूर्वांचल विवि प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है
जिसमें पहली बार छात्रों के लिए यह व्यवस्था लागू की है। छात्रों की सुविधा को देखते हुए लाइब्रेरी में अच्छी किताबों का संग्रह शुरू हो गया है। इसे देखने के लिए छात्र भी लाइब्रेरी में जुट रहे हैं।
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प्रदेश में पूविवि पहला ऐसा विश्वविद्यालय है जहां ऐसी व्यवस्था की जा रही है। दाखिला लेने वाले किसी भी छात्र को बाहर से किताबें नहीं खरीदनी पड़ेगी।
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छात्रों की संख्या के हिसाब से विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले से ही किताबों की व्यवस्था कर रखी है। हर विभाग में सीटों की संख्या के हिसाब से किताबों का सेट तैयार कर लिया गया है।
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दाखिला के बाद छात्रों को बुक कार्ड बन जाएगा। इसी कार्ड पर छात्रों को किताब मुहैया कराई जाएगी। स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में पहले से ही किताबों की खेप पहुंच चुकी है।
सभी किताबें अच्छे लेखकों की हैं। किताबें विश्वविद्यालय में चल रहे पाठ्यक्रम पर आधारित हैं। छात्रों को पूरा कोर्स इन किताबों में आसानी से उपलब्ध हो जाएगा।
किस सेमेस्टर में कौन सी बुक पढ़ाई जाती है इसे छात्रों को बताना नहीं पड़ेगा। डिपार्टमेंट और सेमेस्टर का नाम बताते ही किताबें उनके हाथ में होंगी। लाइब्रेरी के हर रैक में सेमेस्टर और प्रश्न पत्र वार किताबें पहले से व्यवस्थित
कर दी गई हैं। ताकि जब छात्र लाइब्रेरी के काउंटर पर पहुंचे तो बिना समय नुकसान किए ही किताबें उन्हें मिल जाएं। लाइब्रेरी में तैनात लोगों को भी अधिक समय न लगाना पड़े। पूर्वांचल विवि प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है
जिसमें पहली बार छात्रों के लिए यह व्यवस्था लागू की है। छात्रों की सुविधा को देखते हुए लाइब्रेरी में अच्छी किताबों का संग्रह शुरू हो गया है। इसे देखने के लिए छात्र भी लाइब्रेरी में जुट रहे हैं।