सिंगरामऊ। पहले प्रेम, फिर मंदिर में शादी और पति के फरार होने से आहत युवती सोमवार को क्षेत्र के बहरीपुर गांव स्थित अपने ससुराल पहुंची। ससुराल वालों ने उसे अपनाने से इंकार किया तो वह चौखट के सामने धरने पर बैठ गई। हंगामा मचाने पर पहुंची पुलिस ने युवती से विवाह का साक्ष्य दिखाने को कहा, लेकिन वह कोई भी प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाई। पुलिस युवती को थाने ले जाकर पूछताछ में जुटी है।
वाराणसी निवासी युवती का कहना था कि एक वर्ष पूर्व वह बहरीपुर गांव में अपनी बहन के घर आई थी। यहां उसकी मुलाकात गांव निवासी युवक से हुई। दोनों में नजदीकी बढ़ी जो प्यार में बदल गई। युवक उससे मिलने वाराणसी भी जाता था। दोनों ने एक-दूसरे से विवाह करने का निर्णय लिया, लेकिन धर्म अलग-अलग होने से परिजन राजी नहीं थे। युवती के अनुसार दोनों ने 26 अक्तूबर को कालिका माई मंदिर, वाराणसी में शादी रचा ली। इसके बाद मड़ियाहूं बाजार में किराए के मकान में दोनों रहने लगे। वहां से दोनों मुंबई गए। युवती का आरोप है कि वहां उसे बेचने की कोशिश हुई, मगर भनक पाकर वह भागकर युवक के मामा के घर लंभुआ जिला सुल्तानपुर पहुंच गई। वहां दोनों को बैठाकर मामा और परिजनों ने समझाया। बावजूद युवक उसे छोड़कर फरार हो गया। एसओ विनोद मिश्र ने बताया कि युवती से विवाह का साक्ष्य मांगा गया था, लेकिन वह प्रस्तुत नहीं कर सकी। उसे एक सप्ताह की मोहलत दी गई है। फिलहाल समझा-बुझाकर उसे लंभुआ भेज दिया गया है।