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साप्ताहिक बंदी हो समाप्त, एफआईआर ली जाए वापस: कंछल
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (पंजीकृत) के प्रांतीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद बनवारीलाल कंछल ने कोरोना महामारी के मद्देनजर शनिवार व रविवार को जारी साप्ताहिक बंदी को समाप्त कर पुरानी साप्ताहिक बंदी को बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कोरोना कर्फ्यू के दौरान व्यापारियों के खिलाफ हुए एफआईआर को वापस लेने, दुकानों का किराया माफ करने और जीएसटी में मंडी शुल्क में पांच फीसदी माफी का आर्थिक पैकेज दिए जाने की भी मांग की हैष
बनवारी लाल कंछल बुधवार को शहर के एक होटल में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। दुकान के कर्मचारियों को वेतन तक देने में दिक्कत हो रही है। बिक्री बंद होने के कारण प्रदेश के बाहर से आने वाले सामान का भुगतान नहीं भेज पाने से माल मिलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री को बीते 12 मई को पत्र भेजकर कोरोना से मृत व्यापारियों के परिजनों को 10 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा देने की मांग की गई है, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। जबकि प्रदेश में कोविड से मृत कर्मचारियों को मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान अप्रैल व मई माह में बाजार बंद होने के कारण व्यापारियों का नुकसान हुआ है। ऐसे में इन दो महीनों का बिजली बिल माफ करने, नगर निगम, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद व मंडी समिति की दुकानों का किराया माफ करने की मांग की गई है। इस दौरान संगठन के वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष इंद्रभान सिंह इंदू, प्रांतीय मंत्री शकील अहमद, जिला मंत्री आरिफ हबीब, नगर अध्यक्ष घनश्याम साहू आदि व्यापारी मौजूद रहे।
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बनवारी लाल कंछल बुधवार को शहर के एक होटल में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। दुकान के कर्मचारियों को वेतन तक देने में दिक्कत हो रही है। बिक्री बंद होने के कारण प्रदेश के बाहर से आने वाले सामान का भुगतान नहीं भेज पाने से माल मिलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री को बीते 12 मई को पत्र भेजकर कोरोना से मृत व्यापारियों के परिजनों को 10 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा देने की मांग की गई है, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। जबकि प्रदेश में कोविड से मृत कर्मचारियों को मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान अप्रैल व मई माह में बाजार बंद होने के कारण व्यापारियों का नुकसान हुआ है। ऐसे में इन दो महीनों का बिजली बिल माफ करने, नगर निगम, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद व मंडी समिति की दुकानों का किराया माफ करने की मांग की गई है। इस दौरान संगठन के वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष इंद्रभान सिंह इंदू, प्रांतीय मंत्री शकील अहमद, जिला मंत्री आरिफ हबीब, नगर अध्यक्ष घनश्याम साहू आदि व्यापारी मौजूद रहे।
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