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चिलचिलाती धूप में लेटकर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Thu, 28 May 2015 01:20 AM IST
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मुस्तफाबाद गांव का नक्शा अभिलेखागार से गायब होने पर नहीं मंगवाने समेत कई अन्य मांगो को लेकर तहसील परिसर में धरना दे रहे किसान सभा के कार्यकर्ताओं का बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा।
उन्होंने तहसील परिसर में चिलचिलाती धूप में लेटकर प्रदर्शन किया। धूप में लेटने की खबर मिलते ही एसडीएम विजय बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन देकर प्रदर्शन समाप्त करवाया।
उत्तर प्रदेश किसान सभा के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर 22 मई से तहसील परिसर में धरने पर बैठे थे। किसानों का कहना है कि मुस्तफाबाद का बंदोबस्ती नक्शा तहसील अभिलेखागार से गायब कर दिया गया है।
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लेखपाल के पास जो नक्शा है वह जीर्णशीर्ण है जिससे सही पैमाइश संभव नहीं है। उनकी मांग थी कि लखनऊ राजस्व परिषद से नया नक्शा मंगवाया जाए। किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे के लिए धन वसूली बंद की जाए।
मुआवजे की राशि बढ़ाई जाए। गांवों में 18 घंटे बिजली दी जाए। लेकिन कोई तहसील का अफसर उनका ज्ञापन लेने नहीं पांच दिनों तक नहीं आया तो वे आक्रोशित होकर धूप में लेट गए।
धरने की अध्यक्षता कल्पनाथ गुप्ता, संचालन लालजी यादव ने किया। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद यादव, राजेंद्र पटेल, सुभाष पटेल, संतलाल तिवारी, कृष्णानारायण, अरविंद सरोज, सत्यनारायण पटेल मौजूद थे।
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उन्होंने तहसील परिसर में चिलचिलाती धूप में लेटकर प्रदर्शन किया। धूप में लेटने की खबर मिलते ही एसडीएम विजय बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन देकर प्रदर्शन समाप्त करवाया।
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उत्तर प्रदेश किसान सभा के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर 22 मई से तहसील परिसर में धरने पर बैठे थे। किसानों का कहना है कि मुस्तफाबाद का बंदोबस्ती नक्शा तहसील अभिलेखागार से गायब कर दिया गया है।
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लेखपाल के पास जो नक्शा है वह जीर्णशीर्ण है जिससे सही पैमाइश संभव नहीं है। उनकी मांग थी कि लखनऊ राजस्व परिषद से नया नक्शा मंगवाया जाए। किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे के लिए धन वसूली बंद की जाए।
मुआवजे की राशि बढ़ाई जाए। गांवों में 18 घंटे बिजली दी जाए। लेकिन कोई तहसील का अफसर उनका ज्ञापन लेने नहीं पांच दिनों तक नहीं आया तो वे आक्रोशित होकर धूप में लेट गए।
धरने की अध्यक्षता कल्पनाथ गुप्ता, संचालन लालजी यादव ने किया। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद यादव, राजेंद्र पटेल, सुभाष पटेल, संतलाल तिवारी, कृष्णानारायण, अरविंद सरोज, सत्यनारायण पटेल मौजूद थे।