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अपट्रान कंपनी में लगी आग
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Tue, 03 May 2016 01:14 AM IST
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थानागद्दी के वाराणसी-आजमगढ़ मुख्य पर बंतरी गांव के पास स्थित वर्षों से बंद पड़ी अपट्रान कंपनी में सोमवार को लगी आग को बुझाते फायर ब्रिगेड कर्मी।
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चंदवक थाना क्षेत्र के वाराणसी-आजमगढ़ मुख्य पर बंतरी गांव में स्थित वर्षों से बंद पड़ी अपट्रान कंपनी में अज्ञात कारण से आग लग गई। इससे कंपनी में लगे सैकड़ों पेड़ जलकर राख हो गए। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड आग पर काबू पा सका। हालांकि करोड़ों रुपये के मशीन व अन्य उपकरण को जलने से बचा लिया गया।
वाराणसी-आजमगढ़ मुख्य पर बंतरी गंाव में स्थित अपट्रान में सोमवार की दोपहर अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरेे परिसर में फैल गई। आग की लपटों को देख अध्यापक विनय कुमार पांडेय ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इससे मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना चंदवक पुलिस को दी।
इसके बाद थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने इसकी जानकारी एसडीएम व फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलने ही थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, नायब तहसीलदार रामनरायन सिंह और फायर ब्रिगेड प्रभारी दिवाकर मौर्य टीम के साथ पहुंच गए। तब तक आग से सैकड़ों पेड़ जल चुके थे। इस दौरान फायर ब्रिगेड की टीम की तत्परता के कारण पांच घंटे कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।
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इससे कंपनी में बंद पड़े करोड़ों के मशीन एवं अन्य उपकरण जलने से बच गए। बता दें कि अप्ट्रान उत्तर प्रदेश सरकार के उपक्त्रस्म के रुप में 1987 में स्थापित की गयी थी। कंपनी में श्याम-श्वेत टीवी बनाया जाता था। किंतु घोटाले के कारण सन 1995 में बंद कर दी गई। वर्ष 2000 में कंपनी हाईकोर्ट के आधीन हो गई। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर देखरेख के लिए दो माह पूर्व एक सिक्योरिटी गार्ड भी रखा गया है। आग लगने के समय गार्ड खाना खाने चला गया था।
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वाराणसी-आजमगढ़ मुख्य पर बंतरी गंाव में स्थित अपट्रान में सोमवार की दोपहर अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरेे परिसर में फैल गई। आग की लपटों को देख अध्यापक विनय कुमार पांडेय ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इससे मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना चंदवक पुलिस को दी।
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इसके बाद थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने इसकी जानकारी एसडीएम व फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलने ही थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, नायब तहसीलदार रामनरायन सिंह और फायर ब्रिगेड प्रभारी दिवाकर मौर्य टीम के साथ पहुंच गए। तब तक आग से सैकड़ों पेड़ जल चुके थे। इस दौरान फायर ब्रिगेड की टीम की तत्परता के कारण पांच घंटे कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।
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इससे कंपनी में बंद पड़े करोड़ों के मशीन एवं अन्य उपकरण जलने से बच गए। बता दें कि अप्ट्रान उत्तर प्रदेश सरकार के उपक्त्रस्म के रुप में 1987 में स्थापित की गयी थी। कंपनी में श्याम-श्वेत टीवी बनाया जाता था। किंतु घोटाले के कारण सन 1995 में बंद कर दी गई। वर्ष 2000 में कंपनी हाईकोर्ट के आधीन हो गई। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर देखरेख के लिए दो माह पूर्व एक सिक्योरिटी गार्ड भी रखा गया है। आग लगने के समय गार्ड खाना खाने चला गया था।