जौनपुर में मॉडल से अभिनेत्री और फिर नेता बनने के लिए पंचायत चुनाव में उतरीं दीक्षा सिंह को जनता ने सिरे से नकार दिया। जिला पंचायत सदस्य के वार्ड संख्या-26 से उन्हें करारी हार मिली है। चुनाव नतीजों में वह ढाई हजार से भी कम वोटों में सिमट गईं। इस वार्ड से भाजपा समर्थित नगीना सिंह को जीत मिली है। दीक्षा सिंह के चुनाव पर सभी की निगाहें लगी थीं, लेकिन अब हार से उनके समर्थक मायूस हैं। देखें अगली स्लाइड्स...
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दीक्षा सिंह ने किया मतदान।
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बक्शा ब्लाॅक के चितौड़ी गांव निवासी दीक्षा सिंह के पिता जितेंद्र सिंह का गोवा में कारोबार है। लंबे समय से उनका परिवार वहीं रहता है। वर्ष 2015 में फेमिना मिस इंडिया की रनर अप रहीं दीक्षा पंचायत चुनाव में भागीदारी के लिए गांव आई थीं। दीक्षा सिंह ने जिला पंचायत सदस्य के वार्ड संख्या-26 से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था।
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दीक्षा सिंह।
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दीक्षा के नामांकन के बाद जिले के चुनाव पर सबकी निगाहें जम गई थीं। पीएम मोदी को अपना आदर्श मानने वाली दीक्षा के इंटरव्यू सुर्खियों में रहे। जीतने के बाद उन्होंने क्षेत्र के विकास को लेकर कई योजनाएं भी बताई थीं। महिलाओं के लिए आरक्षित जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भी दीक्षा की दावेदारी मानी जा रही थी, मगर चुनाव परिणामों ने सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
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दीक्षा सिंह।
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चुनाव में ग्लैमर का तड़का लगाने वाली दीक्षा को जनता ने सिरे से नकार दिया है। इस वार्ड से भाजपा के दिवंगत नेता राजमणि सिंह के परिवार की नगीना सिंह को सात हजार से अधिक वोट मिले हैं। दूसरे स्थान पर पांच हजार से अधिक वोट पाकर संजू यादव हैं।
दीक्षा ढाई हजार से भी कम वोट हासिल कर पाई हैं। मतगणना के दौरान हार देख उनके एजेंट आधी गणना के बाद ही मौके से खिसक लिए। दीक्षा पैंटीन, पैराशूट ऑयल, स्नैपडील सहित कई कंपनियों का विज्ञापन कर चुकी हैं। फरवरी 2021 में उनके एलबम रब्बा मेहर करें ने काफी सफलता बटोरी थी। उन्होंने इश्क तेरा फिल्म की कहानी भी लिखी है और जल्दी ही उनकी वेब सीरीज भी आने वाली है।