up chunav 2022: पूर्व सांसद धनंजय सिंह के नामांकन पर मंडराया खतरा, निर्वाचन आयोग ने तलब किया, 21 को होंगे पेश
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल से 17 फरवरी की सुबह अजय सिंह नाम का शख्स मिला था। रानू सिंह की तरफ से लिखे गए शिकायत पत्र देकर धनंजय सिंह के नामांकन पत्र को रद्द करने की मांग कर रहा था।
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जौनपुर में मल्हनी सीट से जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पूर्व सांसद धनंजय सिंह सुर्खियों में आ गए हैं। लखनऊ में मारे गए मऊ के पूर्व प्रमुख अजीत सिंह की पत्नी रानू सिंह के शिकायती पत्र को निर्वाचन आयोग ने गंभीरता से लिया है। धनंजय सिंह को 21 फरवरी को पेश होकर अपना जवाब देने को कहा है।
धनंजय सिंह ने 16 फरवरी को मल्हनी सीट से नामांकन किया था। रिटर्निंग आफिसर बनाए गए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल से 17 फरवरी की सुबह अजय सिंह नाम का शख्स 11 बजे मिला था। रानू सिंह की तरफ से लिखे गए शिकायत पत्र देकर धनंजय सिंह के नामांकन पत्र को रद्द करने की मांग कर रहा था।
शिकायतकर्ता के स्वयं न होने और हलफनामें पर शिकायत न होने से उसे नियमानुसर शिकायत करने को कहा गया। लेकिन, शिकायतकर्ता हलफनामा बनवाकर नहीं आया। इस आधार पर अपराह्न तीन बजे रिटर्निंग आफिसर ने उनके नामांकन पत्र को वैध घोषित कर दिया था।
अजीत सिंह की लखनऊ में की गई थी हत्या
लेकिन शनिवार को रानू सिंह की तरफ से हलफनामा पेश कर दिया गया। इसके बाद शिकायत पत्र को संज्ञान में लेते हुए रिटर्निंग आफिसर ने धनजंय सिंह को पत्र भेजा है। उन्हें 21 फरवरी सोमवार को पेश होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
वहीं, रानू सिंह के नाम से लिखे गए इस पत्र में बताया गया था कि मेरे पति अजीत सिंह की लखनऊ में हत्या कर दी गई थी। इसी मामले में धनंजय सिंह लखनऊ के विभूति खंड थाने में विभिन्न धाराओं में वांछित है। इसके खिलाफ लखनऊ की कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
धनंजय 25 हजार का इनामी भी
इसमें धारा 82 की कार्रवाई भी हो चुकी है। रानू सिंह ने कहा कि धनंजय 25 हजार का इनामी भी है। इस मामले में धनंजय के पक्ष में किसी भी कोर्ट ने अभी तक जमानत या स्टे आदेश नहीं दिया है। रानू ने हलफनामे के साथ दिए गए पत्र में लिखा कि जो अभी तक भगोड़ा घोषित है, उसे कानूनन और संवैधानिक रूप से चुनाव लड़ने का हक नहीं है। धनंजय ने अपने शपथपत्र में झूठी जानकारियां दी हैं। उसका नामांकन रद् किया जाए और उसके खिलाफ कार्यवाही की जाए।