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डेंगू की दस्तक से स्वास्थ्य महकमा बेखबर
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sun, 07 Aug 2016 01:18 AM IST
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जिला अस्पताल में भर्ती युवक।
- फोटो : अमर उजाला
जिले में पिछले 15 दिन के भीतर एक छात्रा समेत दो लोगों की डेंगू से मौत हो चुकी है, तीन अन्य मरीज मिले हैं। उनका इलाज निजी चिकित्सालय में कराया गया। बावजूद इसके स्वास्थ्य महकमा इससे बेखबर है।
जाहिर सी बात है कि जिन इलाकों में डेंगू के मरीज मिले हैं वहां इसके मच्छर भी होंगे और उनकी तादात भी बढ़ रही होगी, अन्य लोग भी इसकी चपेट में आएंगे फिर भी मच्छरों को नष्ट करने की भी कोई कवायद नहीं हुई। मलेरिया विभाग को डेंगू से पीड़ित होने या किसी की मौत होने की रिपोर्ट आने का इंतजार है।
25 जुलाई को मुफ्तीगंज ब्लाक के मुर्तजाबाद गांव निवासी कमला सरोज की नतीनी काजल की वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल में मौत हो गई। अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे डेंगू होने की पुष्टि की थी। पहली अगस्त को बदलापुर तहसील क्षेत्र के कमालपुर गांव निवासी पंकज तिवारी के पांच वर्षीय पुत्र उत्कर्ष की भी वाराणसी के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।
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उत्कर्ष की भी मौत की वजह डॉक्टरों ने डेंगू बताई थी। शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. वीएस उपाध्याय ने बताया कि उनके अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में डेंगू के तीन मरीज आए।
हालांकि तीनों ठीक होकर गए।
जिला मलेरिया अधिकारी डा. वीपी सिंह कहते हैं कि सभी छोटे, बड़े अस्पतालों, नर्सिंग होमों को निर्देश है कि डेंगू का मरीज मिलने पर संबंधित जिले के मलेरिया विभाग को रिपोर्ट करें। अगर यहां के किसी मरीज को डेंगू होने की पुष्टि वाराणसी या इलाहाबाद जिले के किसी प्राइवेट या सरकारी अस्पताल में हुई है तो संबंधित डॉक्टर को जिला मलेरिया विभाग को
रिपोर्ट करनी चाहिए। रिपोर्ट मिलने पर विभाग स्वास्थ्य विभाग की टीम संबंधित मरीज के घर भेजेगा और आस पास के 50 घरों में सभी सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। डेंगू होने की दशा में उसका उपचार होगा। इसके अलावा मच्छरों को मारने के लिए बस्ती के सभी घरों में दवा का छिड़काव किया जाएगा।
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जाहिर सी बात है कि जिन इलाकों में डेंगू के मरीज मिले हैं वहां इसके मच्छर भी होंगे और उनकी तादात भी बढ़ रही होगी, अन्य लोग भी इसकी चपेट में आएंगे फिर भी मच्छरों को नष्ट करने की भी कोई कवायद नहीं हुई। मलेरिया विभाग को डेंगू से पीड़ित होने या किसी की मौत होने की रिपोर्ट आने का इंतजार है।
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25 जुलाई को मुफ्तीगंज ब्लाक के मुर्तजाबाद गांव निवासी कमला सरोज की नतीनी काजल की वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल में मौत हो गई। अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे डेंगू होने की पुष्टि की थी। पहली अगस्त को बदलापुर तहसील क्षेत्र के कमालपुर गांव निवासी पंकज तिवारी के पांच वर्षीय पुत्र उत्कर्ष की भी वाराणसी के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।
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उत्कर्ष की भी मौत की वजह डॉक्टरों ने डेंगू बताई थी। शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. वीएस उपाध्याय ने बताया कि उनके अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में डेंगू के तीन मरीज आए।
हालांकि तीनों ठीक होकर गए।
जिला मलेरिया अधिकारी डा. वीपी सिंह कहते हैं कि सभी छोटे, बड़े अस्पतालों, नर्सिंग होमों को निर्देश है कि डेंगू का मरीज मिलने पर संबंधित जिले के मलेरिया विभाग को रिपोर्ट करें। अगर यहां के किसी मरीज को डेंगू होने की पुष्टि वाराणसी या इलाहाबाद जिले के किसी प्राइवेट या सरकारी अस्पताल में हुई है तो संबंधित डॉक्टर को जिला मलेरिया विभाग को
रिपोर्ट करनी चाहिए। रिपोर्ट मिलने पर विभाग स्वास्थ्य विभाग की टीम संबंधित मरीज के घर भेजेगा और आस पास के 50 घरों में सभी सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। डेंगू होने की दशा में उसका उपचार होगा। इसके अलावा मच्छरों को मारने के लिए बस्ती के सभी घरों में दवा का छिड़काव किया जाएगा।