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पुरातन छात्रों से सीख लें नए छात्र-छात्राएं
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Mon, 02 Feb 2015 11:33 PM IST
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रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि पुरातन छात्र टीडी कालेज के विकास में अपने उत्तरदायित्व का बेहतर निर्वहन कर सकते हैं। संस्था से जोड़कर उनसे सहयोग लिया जा सकता है। कमेटियों में उन्हें स्थान मिलना चाहिए। संस्था के विकास में भी विचार-विमर्श कर उनसे सलाह ली जानी चाहिए।
पुरातन छात्रों की प्रेरणा से नए छात्रों को काम करने की सीख लेने का मौका मिलता है। सोमवार को टीडी कालेज के बलरामपुर सभागार में आयोजित पुरातन छात्र समागम में उन्होंने कहा कि कालेज की गरिमा को बनाए रखने में पूर्व छात्रों की अहम भूमिका रही है। कालेज में बनने वाले तिलक प्रेक्षागृह में सहयोग करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विश्व खाद्य पुरस्कार विजेता डा. संजय राजाराम ने अनाज उत्पादन से जुड़े कई पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को चुनौती का सामना करने के लिए प्रेरित किया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो. आरपी सिंह ने कहा कि टीडी कालेज का शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। कालेज की गरिमा को बनाए रखने में सभी के सहयोग की जरूरत है। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि कालेज के विकास में जहां उन्हें सहयोग करने का मौका मिलेगा, हर स्तर पर करेंगे। उन्होंने तिलक प्रेक्षागृह के निर्माण में सहयोग का आश्वासन दिया।
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मुंबई के कस्टम कमिश्नर अनिल कुमार सिंह ने कहा कि कालेज का आशीर्वाद है कि उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने का मौका मिला। सांसद केपी सिंह ने कालेज को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पुरातन छात्र समागम में पूर्व छात्रों ने कालेज में बिताए अपने पुराने पलों को ताजा किया। कालेज में कभी छात्र के रूप में पढ़ाई करने वाले पूर्व शिक्षक, डाक्टर और इंजीनियर खुद को मंच पर पाकर गर्व महसूस कर रहे थे। पूर्व छात्र कालेज प्रशासन की सख्ती और पठन-पाठन व्यवस्था को आज तक नहीं भूल पाए हैं।
देवरिया के शरद सिंह ने कहा कि उन्हें आज भी पढ़ाई के समय की बात नहीं भूली है। अनुशासन और शिक्षकों की डांट ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने तिलक प्रेक्षागृह के लिए दो लाख का सहयोग देने की घोषणा की। प्रबंधक अशोक कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। प्राचार्य डा. यूपी सिंह ने कालेज की प्रगति रिपोर्ट पर प्रकाश डाला।
इससे पहले मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर डा. राजीव प्रकाश सिंह, डा. आरएन त्रिपाठी, डा. एसबी सिंह, डा. अरविंद सिंह, डा. डीबी मिश्र, डा. एसके सिंह, डा. एसए वर्मा, डा. वीके त्रिपाठी, दुष्यंत सिंह, डा. शैलेंद्र सिंह, डा. वेद सिंह, संचाचन डा. डीआर सिंह ने किया।
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पुरातन छात्रों की प्रेरणा से नए छात्रों को काम करने की सीख लेने का मौका मिलता है। सोमवार को टीडी कालेज के बलरामपुर सभागार में आयोजित पुरातन छात्र समागम में उन्होंने कहा कि कालेज की गरिमा को बनाए रखने में पूर्व छात्रों की अहम भूमिका रही है। कालेज में बनने वाले तिलक प्रेक्षागृह में सहयोग करने का आश्वासन दिया।
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कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विश्व खाद्य पुरस्कार विजेता डा. संजय राजाराम ने अनाज उत्पादन से जुड़े कई पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को चुनौती का सामना करने के लिए प्रेरित किया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो. आरपी सिंह ने कहा कि टीडी कालेज का शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। कालेज की गरिमा को बनाए रखने में सभी के सहयोग की जरूरत है। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि कालेज के विकास में जहां उन्हें सहयोग करने का मौका मिलेगा, हर स्तर पर करेंगे। उन्होंने तिलक प्रेक्षागृह के निर्माण में सहयोग का आश्वासन दिया।
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मुंबई के कस्टम कमिश्नर अनिल कुमार सिंह ने कहा कि कालेज का आशीर्वाद है कि उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने का मौका मिला। सांसद केपी सिंह ने कालेज को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पुरातन छात्र समागम में पूर्व छात्रों ने कालेज में बिताए अपने पुराने पलों को ताजा किया। कालेज में कभी छात्र के रूप में पढ़ाई करने वाले पूर्व शिक्षक, डाक्टर और इंजीनियर खुद को मंच पर पाकर गर्व महसूस कर रहे थे। पूर्व छात्र कालेज प्रशासन की सख्ती और पठन-पाठन व्यवस्था को आज तक नहीं भूल पाए हैं।
देवरिया के शरद सिंह ने कहा कि उन्हें आज भी पढ़ाई के समय की बात नहीं भूली है। अनुशासन और शिक्षकों की डांट ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने तिलक प्रेक्षागृह के लिए दो लाख का सहयोग देने की घोषणा की। प्रबंधक अशोक कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। प्राचार्य डा. यूपी सिंह ने कालेज की प्रगति रिपोर्ट पर प्रकाश डाला।
इससे पहले मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर डा. राजीव प्रकाश सिंह, डा. आरएन त्रिपाठी, डा. एसबी सिंह, डा. अरविंद सिंह, डा. डीबी मिश्र, डा. एसके सिंह, डा. एसए वर्मा, डा. वीके त्रिपाठी, दुष्यंत सिंह, डा. शैलेंद्र सिंह, डा. वेद सिंह, संचाचन डा. डीआर सिंह ने किया।