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राम मंदिर के नाम पर फर्जी रसीद से चंदा वसूल रहे तीन भेजे गए जेल
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जौनपुर। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के नाम पर फर्जी रसीद छपवाकर चंदा वसूल रहे तीन जालसाजों को गिरफ्तार कर लाइनबाजार थाने की पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया। जालसाजों के इस गिरोह में शामिल कुछ और लोगों की भी पुलिस को तलाश है।
विहिप के जिला मंत्री जनमेजय तिवारी ने सोमवार को एसपी से शिकायत की थी कि कुछ लोग फर्जी रसीद के सहारे श्रीराम मंदिर के नाम पर वसूली कर रहे हैं। दरअसल विहिप के कार्यकर्ताओं को 31 जनवरी को श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र निर्माण ट्रस्ट, अयोध्या, उत्तर प्रदेश के नाम से छपी एक रसीद मिली थी। इस पर संदेह होने पर विहिप कार्यकर्ताओं ने खुद इसकी छानबीन की। विहिप ने दावा किया कि रसीद पर जो बैंक खाता संख्या दर्ज है वह राम मंदिर ट्रस्ट का बैंक खाता नहीं है। वह खाता किसी का व्यक्तिगत है। यह रसीद शहर के एक प्रिंटिंग प्रेस से छपवाई गई है और रसीद पर प्रिंटिंग प्रेस का नाम भी है।
विहिप कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को इसी रसीद के सहारे वसूली कर रहे दो लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने छानबीन की तो रसीद फर्जी पाई गई। विहिप के जिला मंत्री जनमेजय तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी राहुल अस्थाना निवासी न्यू कॉलोनी ख्वाजादोस्त कोतवाली, राकेश निषाद निवासी बलुआघाट कोतवाली और रोडवेज तिराहा स्थित प्रिंटिंग प्रेस के मालिक रमाकांत के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस संबंध में एएसपी सिटी डॉ संजय कुमार का कहना है कि छानबीन की जा रही है। जालसाजी के इस गिरोह में अन्य लोग भी अगर होंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फर्जी रसीद से कितनी वसूली की गई है इसका पता लगाने के लिए इनके बैंक खाते की भी जांच की जा रही है।
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विहिप के जिला मंत्री जनमेजय तिवारी ने सोमवार को एसपी से शिकायत की थी कि कुछ लोग फर्जी रसीद के सहारे श्रीराम मंदिर के नाम पर वसूली कर रहे हैं। दरअसल विहिप के कार्यकर्ताओं को 31 जनवरी को श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र निर्माण ट्रस्ट, अयोध्या, उत्तर प्रदेश के नाम से छपी एक रसीद मिली थी। इस पर संदेह होने पर विहिप कार्यकर्ताओं ने खुद इसकी छानबीन की। विहिप ने दावा किया कि रसीद पर जो बैंक खाता संख्या दर्ज है वह राम मंदिर ट्रस्ट का बैंक खाता नहीं है। वह खाता किसी का व्यक्तिगत है। यह रसीद शहर के एक प्रिंटिंग प्रेस से छपवाई गई है और रसीद पर प्रिंटिंग प्रेस का नाम भी है।
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विहिप कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को इसी रसीद के सहारे वसूली कर रहे दो लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने छानबीन की तो रसीद फर्जी पाई गई। विहिप के जिला मंत्री जनमेजय तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी राहुल अस्थाना निवासी न्यू कॉलोनी ख्वाजादोस्त कोतवाली, राकेश निषाद निवासी बलुआघाट कोतवाली और रोडवेज तिराहा स्थित प्रिंटिंग प्रेस के मालिक रमाकांत के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस संबंध में एएसपी सिटी डॉ संजय कुमार का कहना है कि छानबीन की जा रही है। जालसाजी के इस गिरोह में अन्य लोग भी अगर होंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फर्जी रसीद से कितनी वसूली की गई है इसका पता लगाने के लिए इनके बैंक खाते की भी जांच की जा रही है।
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