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Jaunpur News: संस्थागत प्रसव में पिछड़े तीन ब्लॉक, 50 फीसदी भी लक्ष्य पूरा नहीं

Sat, 08 Feb 2025 12:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2025 12:06 AM IST
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Three blocks lag behind in institutional delivery, even 50 percent target not met
जौनपुर। लापरवाही के चलते संस्थागत प्रसव के लक्ष्य को स्वास्थ्य विभाग पूरा नहीं कर पा रहा है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के लक्ष्य पूरा करने में तीन ब्लाॅकों की स्थिति बेहद खराब है। इन ब्लाॅकों ने पचास फीसदी भी लक्ष्य पूरा नहीं किया है। जिला अस्पताल से लेकर पीएचसी तक प्रसव का ग्राफ कम हो रहा है। संस्थागत प्रसव की हालत पर स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी को चेतावनी जारी की गई है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) में जिले के कुल 21 ब्लॉकों में तीन ब्लाॅक की स्थिति बेहद खराब है। इन ब्लाॅकों में 50 फीसदी लक्ष्य भी पूरा नहीं किया गया। गर्भवती वाली महिलाओं का पंजीकरण तो हुआ लेकिन प्रसव पूर्व देखभाल की सुविधा नहीं दी गई। खुहटन में 38, रामनगर में 46 और सुजानगंज ब्लाक में 49 फीसदी लक्ष्य पूरा हुआ। इन ब्लॉकों को सीएमओ न चेतावनी दी है। समीक्षा में यह बात सामने आई कि अस्पताल चल रहा, लेकिन प्रसव नहीं हो रहे हैं। संस्थागत प्रसव के ग्राफ को बढ़ाने पर बल दिया था। कम हो रहे प्रसव को लेकर आशाएं और स्टाफ हमेशा नर्स निशाने पर रहती हैं। कमीशन के चक्कर में आशाएं निजी अस्पतालों में प्रसव कराने को प्राथमिकता दे रही हैं। इसके चलते संस्थागत प्रसव कम रहा है। पिछले दो साल की रिपोर्ट पर नजर डालें तो विभाग अपने लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाया है। हालांकि अभी तक विभाग की ओर से किसी आशा या स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
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दो साल से विभाग पूरा नहीं कर पा रहा जेएसवाई का लक्ष्य -आंकड़े बता रहे हैं कि स्वास्थ्य विभाग दो वर्षों से जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के लक्ष्य को पूरा नहीं कर पा रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में संस्थागत प्रसव का लक्ष्य 46980 था। जबकि विभाग 42239 प्रसव ही करा सका। यहां 4741 प्रसव से पीछे रहा। जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह लक्ष्य 46400 था। विभाग केवल 43390 प्रसव ही करा सका। इस सत्र में भी 3010 प्रसव से पीछे रह गया।
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जिन ब्लाॅकों में संस्थागत प्रसव का ग्राम कम हुआ है, वहां स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी के साथ आशाओं को चेतावनी दी गई है। प्रसव बढ़ाने के लिए गांवों में संपर्क करने का निर्देश दिया गया है।-डा. राजीव यादव, नोडल अधिकारी जननी सुरक्षा योजना।
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