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Jaunpur News: जिले के 11 निकायों में कूड़ा निस्तारण का प्लांंट नहीं, रोज निकलता है 45 टन कूड़ा
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जौनपुर। नगर पालिका परिषद जौनपुर को छोड़ दिया जाए तो अन्य 11 निकायों में कूड़ा निस्तारण के लिए सालिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट नहीं बनाया गया है। इससे उन जगहों पर कूड़ा निस्तारण की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। कुछ जगहों पर एमआरएफ सेंटर जरूर खोल दिए गए हैं लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं है। ऐसे में निकायों में जहां-तहां कूड़ों का ढेर लगा रहता है। जिले में 12 नगर निकाय हैं, इसमें तीन नगर पालिका व नौ नगर पंचायत है। नगर पालिका परिषद जौनपुर, शाहगंज, मुंगराबादशाहपुर व नगर पंचायत बदलापुर, मछलीशहर, मड़ियाहूं, रामपुर, केराकत, खेतासराय, जफराबाद, कचगांव, गौराबादशाहपुर है। नगर पालिका परिषद जौनपुर की तरफ से सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट कुल्हनामऊ में बनाया गया है। इससे शहर से निकलने वाले 97 टन के कूड़ों का निस्तारण किया जा रहा है।रामपुर, गौराबादशाहपुर, खेतासराय और केराकत में करीब 15 टन कूड़ा निकलता है। शाहगंज : नगर पालिका क्षेत्र से तकरीबन प्रतिदिन 10 टन कूडा निकलता है जिसके लिए कूडा डंपिंग की व्यवस्था क्षेत्र के निजामपुर गांव के समीप करीब दो बीघे की जमीन में की गई है। अभी तक एमआरएफ, सालिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की व्यवस्था नहीं हुई है। मुंगराबादशाहपुर : नगर पालिका परिषद क्षेत्र में रोजाना 4 टन कूड़ा निकलता है, उकनी में एमआरएफ सेंटर खोला गया है। बदलापुर : नगर पंचायत बदलापुर में रोजाना करीब पांच टन कूड़ा निकलता है। इसके निस्तारण के लिए अभी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराया गया है किंतु अभी चालू नहीं है। मैनुअली सूखा, गीला कूड़ा अलग कर कंपोस्ट बनाने का काम किया जा रहा है। सिरकोनी : नगर पंचायत कचगाव में हर रोजाना ढाई से तीन टन कूड़ा निकलता है। इसके निस्तारण के लिए एमआरएफ सेंटर की व्यवस्था है सूखा, गीला, कूड़ा अलग कर कंपोस्ट बनाने का काम किया जा रहा है। बाकी का काम सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट गद्दोपुर में बनवाया जा रहा है, उसके बनाने के बाद ही कूड़ा निस्तारण की समस्या हल हो पाएगी। मड़ियाहूं : नगर पंचायत मडियाहूं से 3:5 टन कूड़ा रोज निकल रहा है। निस्तारण के लिए जमलिया में बने एमआरएफ सेंटर में भेजकर गीला और सूखा कूड़ा अलग किया जाता है। मछलीशहर : नगर पंचायत मछलीशहर में 4.57 टन कूड़ा निकलता है। इसका निस्तारण जमालपुर गांव में बने एमआरएफ सेंटर और कटाहित गांव में बने डंपिंग सेंटर में किया जाता हैं। जफराबाद : यहां रोजाना 10 वार्ड का करीब 2 टन कूड़ा निकलता है। एमआरएफ सेंटर में कूड़ा जाता है लेकिन यहां मशीन चालू नहीं है। ट्रांसफॉर्मर नहीं होने से लाइट की व्यवस्था नहीं है। बिजली विभाग से जल्द ही ट्रांसफाॅर्मर उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
प्लांट के पहले शुरू हुई थी कवायद
पूर्व में सीआरओ सुनील कुमार वर्मा के कार्यकाल में शासन स्तर से तत्कालीन नौ निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट खोलने के लिए भूमि का चिह्नांकन किया जा रहा था। इसमें नगर क्षेत्र या उसके आस-पास क्षेत्रों की जमीन लेने के लिए कहा गया। साथ ही अगर कोई इच्छूक काश्तकार व किसान जमीन देना चाए तो उसको सरकारी दर पर भुगतान का आदेश दिया गया था। बावजूद आज तक किसी भी निकाय ने भूमि का चिह्नांकन करके नहीं दिया।
नगर पालिका परिषद जौनपुर में कूड़ा निस्तारण प्लांट हैं और कई जगहों पर एमआरएफ सेंटर बनाए गए हैं। जिनके जरिए ही कूड़ों का निस्तारण कराया जा रहा है। निकायों में कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए भूमि देखी जा रही है। भूमि मिलते ही प्लांट लगाने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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- अजय कुमार अम्बस्ट, अपर जिलाधिकारी-भू राजस्व।
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प्लांट के पहले शुरू हुई थी कवायद
पूर्व में सीआरओ सुनील कुमार वर्मा के कार्यकाल में शासन स्तर से तत्कालीन नौ निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट खोलने के लिए भूमि का चिह्नांकन किया जा रहा था। इसमें नगर क्षेत्र या उसके आस-पास क्षेत्रों की जमीन लेने के लिए कहा गया। साथ ही अगर कोई इच्छूक काश्तकार व किसान जमीन देना चाए तो उसको सरकारी दर पर भुगतान का आदेश दिया गया था। बावजूद आज तक किसी भी निकाय ने भूमि का चिह्नांकन करके नहीं दिया।
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नगर पालिका परिषद जौनपुर में कूड़ा निस्तारण प्लांट हैं और कई जगहों पर एमआरएफ सेंटर बनाए गए हैं। जिनके जरिए ही कूड़ों का निस्तारण कराया जा रहा है। निकायों में कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए भूमि देखी जा रही है। भूमि मिलते ही प्लांट लगाने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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- अजय कुमार अम्बस्ट, अपर जिलाधिकारी-भू राजस्व।