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आत्महत्या करने गई महिला को जान की बाजी लगाकर बचाया
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आत्महत्या करने गई महिला को बचाया
रेल पटरी से खींच कर हटाया
अमर उजाला ब्यूरो
जफराबाद। सिरकोनी विकासखंड के जलालपुर थाना क्षेत्र के हौज गांव की महिला गृह कलह से ऊब कर शनिवार को दोपहर करीब एक बजे आत्महत्या करने के लिए रेलवे लाइन पर जाकर लेट गई। नजर पड़ी तो आसपास की महिलाओं ने दौड़कर उसे रेलवे पटरी से खींच लिया। संजोग अच्छा था कि बचाने वाले महिलाएं भी ट्रेन की चपेट में आने से बच गईं। अगर एक मिनट की देरी होती तो उनकी भी जान जा सकती थीं।
गांव निवासी रीता प्रजापति 35 (कल्पनिक नाम) दोपहर में घर का खाना बनाकर, दो बच्चों को छोड़कर करीब 11 बजे घर से निकल गई। परिवार वालों को कोई जानकारी नहीं थी। उधर घर से करीब एक किलोमीटर दूर हौज गांव में ही जफराबाद-वाराणसी रेल प्रखंड पर मालगाड़ी को आते देख रेलवे पटरी पर सो गई। रेलवे पटरी के किनारे बाग में बच्चे खेल रहे थे। नजर पड़ी तो बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। ट्रेन तेज गति से आ रही थी। करीब पहुंचने वाली थी। शोर सुनकर गांव की लगभग आधा दर्जन महिलाएं दौड़ते हुए रेलवे पटरी के पास पहुंच गई। ट्रेन बिल्कुल करीब आ चुकी थी। कुछ फिट दूरी बचा हुआ था। महिलाओं ने हाथ पकड़कर उक्त महिला को पटरी से किनारे खींच लिया। कुछ ही पलों का मामला था, दनदनाते हुए ट्रेन गुजर गई। संजोग अच्छा था कि कुछ सेकेड और देर होता तो महिला को बचाने में कई महिलाओं की भी जान जा सकती थी। ट्रेन को जाने के बाद आत्महत्या करने वाली महिला फूट फूट कर रोने लगी ग्रामीण महिलाओं ने काफी फटकार लगाने के बाद उसको समझा कर, घर वालों को बुलाया और उसे मायके भेजने की सलाह देकर घरवालों के साथ भेज दिया।
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रेल पटरी से खींच कर हटाया
अमर उजाला ब्यूरो
जफराबाद। सिरकोनी विकासखंड के जलालपुर थाना क्षेत्र के हौज गांव की महिला गृह कलह से ऊब कर शनिवार को दोपहर करीब एक बजे आत्महत्या करने के लिए रेलवे लाइन पर जाकर लेट गई। नजर पड़ी तो आसपास की महिलाओं ने दौड़कर उसे रेलवे पटरी से खींच लिया। संजोग अच्छा था कि बचाने वाले महिलाएं भी ट्रेन की चपेट में आने से बच गईं। अगर एक मिनट की देरी होती तो उनकी भी जान जा सकती थीं।
गांव निवासी रीता प्रजापति 35 (कल्पनिक नाम) दोपहर में घर का खाना बनाकर, दो बच्चों को छोड़कर करीब 11 बजे घर से निकल गई। परिवार वालों को कोई जानकारी नहीं थी। उधर घर से करीब एक किलोमीटर दूर हौज गांव में ही जफराबाद-वाराणसी रेल प्रखंड पर मालगाड़ी को आते देख रेलवे पटरी पर सो गई। रेलवे पटरी के किनारे बाग में बच्चे खेल रहे थे। नजर पड़ी तो बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। ट्रेन तेज गति से आ रही थी। करीब पहुंचने वाली थी। शोर सुनकर गांव की लगभग आधा दर्जन महिलाएं दौड़ते हुए रेलवे पटरी के पास पहुंच गई। ट्रेन बिल्कुल करीब आ चुकी थी। कुछ फिट दूरी बचा हुआ था। महिलाओं ने हाथ पकड़कर उक्त महिला को पटरी से किनारे खींच लिया। कुछ ही पलों का मामला था, दनदनाते हुए ट्रेन गुजर गई। संजोग अच्छा था कि कुछ सेकेड और देर होता तो महिला को बचाने में कई महिलाओं की भी जान जा सकती थी। ट्रेन को जाने के बाद आत्महत्या करने वाली महिला फूट फूट कर रोने लगी ग्रामीण महिलाओं ने काफी फटकार लगाने के बाद उसको समझा कर, घर वालों को बुलाया और उसे मायके भेजने की सलाह देकर घरवालों के साथ भेज दिया।
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