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Jaunpur News: दर्द से तड़प रहे थे पीड़ित, डॉक्टर होली मिलन समारोह में व्यस्त
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करंजाकला (जौनपुर)। सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के कोहड़ा गांव में शुक्रवार को होली के दिन बच्चों के लेकर शुरू हुआ विवाद मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। दबंगों ने एक परिवार के तीन लोगों को लाठी-डंडे से पीटकर घायल कर दिया। पुलिस घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करंजाकला ले गई, लेकिन वहां डॉक्टर होली मिलन समारोह में व्यस्त थे। पीड़ित तीन घंटे तक दर्द से तड़पते रहे। शाम को उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक कोहड़ा गांव निवासी लालजी पाल के बेटे नीरज (10), रज (16) और बेटी रुचि (20) को दबंगों ने लाठी-डंडों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने उन्हें दोपहर दो बजे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों की गैरजिम्मेदारी खुलकर सामने आई। घायल दर्द से तड़पते रहे, लेकिन डॉक्टर होली मिलन समारोह में मस्त थे। किसी ने घायलों की सुध तक नहीं ली। करीब तीन घंटे तक पीड़ित दर्द से कराहते रहे, लेकिन डॉक्टर जश्न मना रहे थे। सरायख्वाजा थाना प्रभारी विनय प्रकाश सिंह ने बताया कि मौके पर सिपाही गए थे। सीएचसी पर उस समय डॉक्टर नहीं थे। शाम 5 बजे घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन तब तक उनकी हालत बिगड़ चुकी थी।
होली मिलन समारोह का कार्यक्रम हुआ था। सभी डॉक्टर वहीं पर थे। फार्मासिस्ट की जिम्मेदारी थी के मरीज का इलाज किया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो इसकी जांच करांएगे। दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी। -डॉ संतोष कुमार जायसवाल, चिकित्सा प्रभारी, करंजाकला
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पुलिस के मुताबिक कोहड़ा गांव निवासी लालजी पाल के बेटे नीरज (10), रज (16) और बेटी रुचि (20) को दबंगों ने लाठी-डंडों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने उन्हें दोपहर दो बजे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों की गैरजिम्मेदारी खुलकर सामने आई। घायल दर्द से तड़पते रहे, लेकिन डॉक्टर होली मिलन समारोह में मस्त थे। किसी ने घायलों की सुध तक नहीं ली। करीब तीन घंटे तक पीड़ित दर्द से कराहते रहे, लेकिन डॉक्टर जश्न मना रहे थे। सरायख्वाजा थाना प्रभारी विनय प्रकाश सिंह ने बताया कि मौके पर सिपाही गए थे। सीएचसी पर उस समय डॉक्टर नहीं थे। शाम 5 बजे घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन तब तक उनकी हालत बिगड़ चुकी थी।
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होली मिलन समारोह का कार्यक्रम हुआ था। सभी डॉक्टर वहीं पर थे। फार्मासिस्ट की जिम्मेदारी थी के मरीज का इलाज किया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो इसकी जांच करांएगे। दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी। -डॉ संतोष कुमार जायसवाल, चिकित्सा प्रभारी, करंजाकला
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