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खुले में शौच न करने का लिया संकल्प
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Mon, 23 May 2016 12:51 AM IST
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दतांव में खुले में शौच न करने के लिए चौपाल लगाकर लोगों को संबोधित करते डीएम भानुचंद्र गोस्वामी।
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जिलाधिकारी ने बरसठी ब्लाक के दताव गांव में रविवार को चौपाल लगाकर खुले में शौच न करने के लिए ग्रामीणों को संकल्प दिलाया। साथ ही सबको मिलकर अभियान पूरा करने का आह्वान किया। इस दौरान प्रधान प्रमिला मिश्रा एवं गंगाधर मिश्र ने शादी के लिए छ: शौचालय अपने पैसे से बनवाने का आश्वासन दिया।
जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी ने बताया कि लोग शौचालय का प्रयोग करें। जिन लोगों के पास शौचालय नहीं है। वे बाहर शौच करते हैं तो उस पर मिट्टी डाल दें। ऐसा नहीं करने से अनेक प्रकार की बीमारियां होती हंै। इसमें हजारों रुपये खर्च हो जाता है।
बाहर शौच पर मक्खियां बैठती है। वही आकर घर में भोजन आदि पर बैठती है, जो अनेक प्रकार की बीमारियों को जन्म देती हैं। जिला कोअार्डिनेटर अनूप सिंह ने बताया कि हम आप अपने सम्मान के लिए बहू व बेटी को शौच के लिए बाहर कदापि न भेजे।
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जरूरी नहीं है कि हम आप का शौचालय कई हजारों का हो। कम पैसे में भी शौचालय बनाया जा सकता है। शौचालय का गढ्ढा तीन फीट का होना चाहिए। जिससे सूरज की किरणों से कीडे़ पैदा होकर मल को खा जाए।
जिला विकास अधिकारी तेज प्रताप मिश्र ने ग्रामीणों को शौचालय बनवाकर उपयोग करने और 31 मई तक गांव को ओडीएफ कराए। इस अवसर पर डीपीआरओ चूरनराम जायसवाल, प्रिया तिवारी, पुजा दुबे, अशोक, सभाजीत दुबे, मातादीन तिवारी, त्रिभुवन नाथ दुबे, बीडीओ बेचनराम आदि रहे।
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जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी ने बताया कि लोग शौचालय का प्रयोग करें। जिन लोगों के पास शौचालय नहीं है। वे बाहर शौच करते हैं तो उस पर मिट्टी डाल दें। ऐसा नहीं करने से अनेक प्रकार की बीमारियां होती हंै। इसमें हजारों रुपये खर्च हो जाता है।
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बाहर शौच पर मक्खियां बैठती है। वही आकर घर में भोजन आदि पर बैठती है, जो अनेक प्रकार की बीमारियों को जन्म देती हैं। जिला कोअार्डिनेटर अनूप सिंह ने बताया कि हम आप अपने सम्मान के लिए बहू व बेटी को शौच के लिए बाहर कदापि न भेजे।
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जरूरी नहीं है कि हम आप का शौचालय कई हजारों का हो। कम पैसे में भी शौचालय बनाया जा सकता है। शौचालय का गढ्ढा तीन फीट का होना चाहिए। जिससे सूरज की किरणों से कीडे़ पैदा होकर मल को खा जाए।
जिला विकास अधिकारी तेज प्रताप मिश्र ने ग्रामीणों को शौचालय बनवाकर उपयोग करने और 31 मई तक गांव को ओडीएफ कराए। इस अवसर पर डीपीआरओ चूरनराम जायसवाल, प्रिया तिवारी, पुजा दुबे, अशोक, सभाजीत दुबे, मातादीन तिवारी, त्रिभुवन नाथ दुबे, बीडीओ बेचनराम आदि रहे।