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शोध में मौलिकता बनाए रखने की हो पहल
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Thu, 23 Jun 2016 12:39 AM IST
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पूविवि कांफ्रेंस हाल में बुधवार को शोध प्राविधि एवं कंप्यूटर एप्लीकेशन विषयक कार्यशाला में बोलते प्रो. कुशेन्द्र मिश्र।।
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बाबा साहब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ के प्रबंध अध्ययन संकाय के प्रो. कुशेन्द्र मिश्र ने शोध में मौलिकता बनाए रखने पर जोर दिया। वह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बुधवार को शोध प्राविधि एवं कम्प्यूटर एप्लीकेशन विषयक आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे।
बीएचयू केे प्रो. एके राय ने पीएचडी शोध प्रबंध लेखन हेतु वैज्ञानिक लेखन और प्रकाशन पर विस्तृत रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि शोध कौशल, विकास, सहयोग, साहित्य तथा आकड़ो का सम्यक उपयोग करने वाला ही शोधार्थी सफ ल है।
भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ में प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो. देवेश कुमार राय ने कहा कि उपयोगी साहित्य की खोज करना समुद्र में मोती खोजने के समान है। बीएचयू के प्रो. एके जोशी ने कहा कि फिल्ड वर्क करने वाले विद्यार्थियों को संचार स्थान और समय सीमा का ध्यान रखना चाहिए।
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मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के विभागाध्यक्ष डा. तनुज नन्दन एवं डा. विभूति त्रिपाठी ने शोध विधियों में आंकडों के विश्लेषण के महत्व पर चर्चा की। इस अवसर पर उप कुल सचिव संजीव सिंह, डा. राकेश सिंह, डा. रामनारायण आदि रहे।
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बीएचयू केे प्रो. एके राय ने पीएचडी शोध प्रबंध लेखन हेतु वैज्ञानिक लेखन और प्रकाशन पर विस्तृत रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि शोध कौशल, विकास, सहयोग, साहित्य तथा आकड़ो का सम्यक उपयोग करने वाला ही शोधार्थी सफ ल है।
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भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ में प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो. देवेश कुमार राय ने कहा कि उपयोगी साहित्य की खोज करना समुद्र में मोती खोजने के समान है। बीएचयू के प्रो. एके जोशी ने कहा कि फिल्ड वर्क करने वाले विद्यार्थियों को संचार स्थान और समय सीमा का ध्यान रखना चाहिए।
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मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के विभागाध्यक्ष डा. तनुज नन्दन एवं डा. विभूति त्रिपाठी ने शोध विधियों में आंकडों के विश्लेषण के महत्व पर चर्चा की। इस अवसर पर उप कुल सचिव संजीव सिंह, डा. राकेश सिंह, डा. रामनारायण आदि रहे।