{"_id":"52fb7386ceb4775f5ff2e2e096bd0e6c","slug":"the-rain-has-caused-severe-disruption-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश ने मचाई भारी तबाही ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश ने मचाई भारी तबाही
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Mon, 16 Mar 2015 11:47 PM IST
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दस दिनों के भीतर दोबारा हुई बारिश से भारी तबाही ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। गेहूं, चना, अरहर और तिलहन के अलावा आम की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
सब्जियों की खेती को भी चपत लगी है। सबसे अधिक नुकसान पहले से गिरी फसलों को हुआ है। बारिश के साथ चल रही तेज हवा के कारण पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है।
दस दिन के अंदर दो बार मौसम की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कृषि विभाग विभाग का अनुमान है कि बारिश के चलते गेहूं की पैदावार में सात से आठ फीसदी, चना एक से दो फीसदी, सरसों एक फीसदी और अरहर की
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उपज में भी दो से तीन फीसदी की गिरावट आएगी। गेहूं की उन फसलों को और नुकसान पहुंचेगा जो पिछली बारिश में ही लोट गई थीं।
जिले में गेहूं की बुवाई दो लाख 11 हजार 985 हेक्टेयर में की गई है। 33.9 कुंतल प्रति हेक्टेयर उपज का लक्ष्य रखा गया था। इस हिसाब से जिले में गेहूं की कुल उपज 71 लाख 86 हजार, 291.5 कुंतल का लक्ष्य था।
बारिश के चलते उपज में सात फीसदी गिरावट आने का अनुमान है। यानी गेहूं की पैदावार में 50 हजार एमटी की कमी आएगी।
सरसों की खेती 4268 हेक्टेयर में की गई है। 12.63 कुंतल प्रति हेक्टेयर उपज का लक्ष्य रखा गया है। एक फीसदी उपज प्रभावित हुई तो तकरीबन 539 कुंतल सरसों की उपज घट जाएगी।
हालांकि कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खलिहान में रखी गई सरसों को मौसम खुलने के बाद किसान उलट-पलट देंगे तो उसे नुकसान से बचाया जा सकता है।
कृषि उप निदेशक अशोक उपाध्याय ने बताया कि अरहर की खेती 8571 हेक्टेयर में और चना की खेती 5165 हेक्टेयर में की गई है।
अरहर की उपज का लक्ष्य 15 से 18 हेक्टेयर प्रति कुंतल और चना की उपज का लक्ष्य 15.3 कुंतल प्रति हेक्टेयर रखा गया था। बारिश के चलते अरहर की पैदावार में दो से तीन फीसदी और चना की उपज में एक से दो फीसदी गिरावट
आने का अनुमान है। इस हिसाब से अरहर की उपज में 2571 कुंतल और चना की उपज में 790 कुंतल की कमी आएगी। बारिश ने आम की फसल को भी चौपट किया है। हरी सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है।
सब्जियों में सबसे अधिक नुकसान टमाटर का हुआ है। टमाटर की खेती 547 हेक्टेयर में की गई है और बारिश के चलते सबसे अधिक 12 फीसदी नुकसान हुआ है। जिला उद्यान अधिकारी एसएम पटेल के मुताबिक जिले में 6745 हेक्टेयर एरिया में आम के बागान हैं।
इस साल आम की फसल में जिस हिसाब से बौर आए थे, उससे अनुमान था कि एक लाख 698 एमटी प्रति हेक्टेयर की दर से आम की उपज होगी, लेकिन बारिश के चलते काफी बौर पेड़ से झड़ गए।
इससे आम की फसल को छह फीसदी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि अभी 641 हेक्टेयर में आलू की फसल खेत में पड़ी है। बारिश से आलू को 6.12 फीसदी का नुकसान हुआ है।
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सब्जियों की खेती को भी चपत लगी है। सबसे अधिक नुकसान पहले से गिरी फसलों को हुआ है। बारिश के साथ चल रही तेज हवा के कारण पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है।
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दस दिन के अंदर दो बार मौसम की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कृषि विभाग विभाग का अनुमान है कि बारिश के चलते गेहूं की पैदावार में सात से आठ फीसदी, चना एक से दो फीसदी, सरसों एक फीसदी और अरहर की
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उपज में भी दो से तीन फीसदी की गिरावट आएगी। गेहूं की उन फसलों को और नुकसान पहुंचेगा जो पिछली बारिश में ही लोट गई थीं।
जिले में गेहूं की बुवाई दो लाख 11 हजार 985 हेक्टेयर में की गई है। 33.9 कुंतल प्रति हेक्टेयर उपज का लक्ष्य रखा गया था। इस हिसाब से जिले में गेहूं की कुल उपज 71 लाख 86 हजार, 291.5 कुंतल का लक्ष्य था।
बारिश के चलते उपज में सात फीसदी गिरावट आने का अनुमान है। यानी गेहूं की पैदावार में 50 हजार एमटी की कमी आएगी।
सरसों की खेती 4268 हेक्टेयर में की गई है। 12.63 कुंतल प्रति हेक्टेयर उपज का लक्ष्य रखा गया है। एक फीसदी उपज प्रभावित हुई तो तकरीबन 539 कुंतल सरसों की उपज घट जाएगी।
हालांकि कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खलिहान में रखी गई सरसों को मौसम खुलने के बाद किसान उलट-पलट देंगे तो उसे नुकसान से बचाया जा सकता है।
कृषि उप निदेशक अशोक उपाध्याय ने बताया कि अरहर की खेती 8571 हेक्टेयर में और चना की खेती 5165 हेक्टेयर में की गई है।
अरहर की उपज का लक्ष्य 15 से 18 हेक्टेयर प्रति कुंतल और चना की उपज का लक्ष्य 15.3 कुंतल प्रति हेक्टेयर रखा गया था। बारिश के चलते अरहर की पैदावार में दो से तीन फीसदी और चना की उपज में एक से दो फीसदी गिरावट
आने का अनुमान है। इस हिसाब से अरहर की उपज में 2571 कुंतल और चना की उपज में 790 कुंतल की कमी आएगी। बारिश ने आम की फसल को भी चौपट किया है। हरी सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है।
सब्जियों में सबसे अधिक नुकसान टमाटर का हुआ है। टमाटर की खेती 547 हेक्टेयर में की गई है और बारिश के चलते सबसे अधिक 12 फीसदी नुकसान हुआ है। जिला उद्यान अधिकारी एसएम पटेल के मुताबिक जिले में 6745 हेक्टेयर एरिया में आम के बागान हैं।
इस साल आम की फसल में जिस हिसाब से बौर आए थे, उससे अनुमान था कि एक लाख 698 एमटी प्रति हेक्टेयर की दर से आम की उपज होगी, लेकिन बारिश के चलते काफी बौर पेड़ से झड़ गए।
इससे आम की फसल को छह फीसदी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि अभी 641 हेक्टेयर में आलू की फसल खेत में पड़ी है। बारिश से आलू को 6.12 फीसदी का नुकसान हुआ है।