जफराबाद। क्षेत्र के राजेपुर के पोखरे पर बुधवार को प्राचीन मेला पारंपरिक सजधज के साथ लगा। इसमें परंपरा के अनुसार बिना दुल्हन के बरात वापस लौट गई।
कजगांव से बरात लगभग साढ़े पांच बजे पहुंची। कजगांव के तरफ दूल्हा बनकर आए। सवा पांच राजेपुर से बरात पोखरे पर पहुंची।
बरात आते ही दोनों पक्षों में गालीगलौज होने लगी। दोनों तरफ के लोग एक दूसरे से लडकी विदा करने को कहते रहे लेकिन किसी तरफ से लड़की विदा नही हुई। यह कार्यक्रम देर शाम तक चलता रहा। उसके बाद बारात बिना दुल्हन के ही लौट गई। विगत 160 साल से इसी तरह बरात आती है और बिना दुल्हन लिए जाती है। दोनों गांव के लोग पुरानी परंपरा का निर्वहन करते चले आ रहे हैं। कजगाव की बारात की तरफ से रूपेश पांडेय पंडित तथा जगदम्बा ने नाई की भूमिका निभाई। मेले में भारी संख्या में महिला,बच्चे व पुरुष आए। महिलाओं ने श्रृंगार का सामान खरीदा। झूले का आनंद लिया। बच्चों ने खिलौने खरीदे। पुरुषों तथा वृद्ध महिलाओं ने गृहस्थी के सामान खरीदारी की। थानाध्यक्ष राजाराम द्विवेदी फोर्स के साथ चक्रमण करते रहे। महिला पुलिसकर्मी भी मनचलों पर नजर रखे हुए थी। मेले की व्यवस्था में अबरार शाह, छोटेलाल यादव, डब्लू शाह, रामधनी यादव, रवि सिंह, फिरोज खान, रामू सेठ की अहम भूमिका रही।