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नए फरमान से ज्वेलरी कारोबार पर होगा असर
jaunpur
Updated Tue, 21 Feb 2017 01:31 AM IST
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आगामी एक अप्रैल से दो लाख या इससे अधिक की ज्वेलरी की खरीद पर नकद भुगतान करने वालों से एक फीसदी टीसीएस वसूली के फरमान से सराफा कारोबारी मायूस हैं। कारोबारियों का मानना है कि वित्त विधेयक पारित होने के बाद गहने सामान्य वस्तु की श्रेणी में आ जाएंगे। नई व्यवस्था से एक बार फिर सराफा कारोबार मंदी के दौर से गुजरेगा।
दो लाख या इससे अधिक की ज्वेलरी की खरीददारी पर एक फीसदी टीसीएस चार्ज किए जाने को लेकर अमर उजाला ने शहर के कुछ प्रमुख कारोबारियों से बात की। सभी ने इस व्यवस्था को सराफा कारोबार के खिलाफ साजिश का हिस्सा बताया। कारोबारियों का कहना है कि सरकार ज्वेलरी कारोबार को निगेटिव सेक्टर में डाल कर कारोबार को संकट में डाल रही है।
शहर के प्रमुख सराफा कारोबारी गहनाकोठी के अधिष्ठाता विनीत सेठ कहते हैं कि शादी विवाह के मौके पर अमूमन दो लाख से अधिक की ही लोग ज्वेलरी खरीदते हैं।
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इसके लिए लोग नकद भुगतान करना अधिक आसान समझते हैं। लेकिन सरकार की नई व्यवस्था से कारोबार चौपट होगा। लोग ज्वेलरी नहीं खरीदेंगे। जबकि मुसीबत के समय में लोगों को ज्वेलरी ही काम आती है। उनका कहना है कि सरकार को इस फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। क्योंकि ज्वेलरी सेक्टर में बड़ी संख्या में लोग रोजगार से जुड़े हैं इससे लोगों के परिवार की आजीविका जुड़ी है। व्यापार चौपट होगा तो रोजगार का भी संकट खड़ा हो जाएगा। कीर्तिकुंज के अधिष्ठाता नन्हें वर्मा कहते हैं कि नई व्यवस्था से ज्वेलरी का कारोबार चौपट होगा। बक्शा के गुलाब यादव कहते हैं कि उनकी भतीजे की शादी मई महीने में है। गहने की खरीददारी अप्रैल से पहले ही करना होगा।
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दो लाख या इससे अधिक की ज्वेलरी की खरीददारी पर एक फीसदी टीसीएस चार्ज किए जाने को लेकर अमर उजाला ने शहर के कुछ प्रमुख कारोबारियों से बात की। सभी ने इस व्यवस्था को सराफा कारोबार के खिलाफ साजिश का हिस्सा बताया। कारोबारियों का कहना है कि सरकार ज्वेलरी कारोबार को निगेटिव सेक्टर में डाल कर कारोबार को संकट में डाल रही है।
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शहर के प्रमुख सराफा कारोबारी गहनाकोठी के अधिष्ठाता विनीत सेठ कहते हैं कि शादी विवाह के मौके पर अमूमन दो लाख से अधिक की ही लोग ज्वेलरी खरीदते हैं।
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इसके लिए लोग नकद भुगतान करना अधिक आसान समझते हैं। लेकिन सरकार की नई व्यवस्था से कारोबार चौपट होगा। लोग ज्वेलरी नहीं खरीदेंगे। जबकि मुसीबत के समय में लोगों को ज्वेलरी ही काम आती है। उनका कहना है कि सरकार को इस फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। क्योंकि ज्वेलरी सेक्टर में बड़ी संख्या में लोग रोजगार से जुड़े हैं इससे लोगों के परिवार की आजीविका जुड़ी है। व्यापार चौपट होगा तो रोजगार का भी संकट खड़ा हो जाएगा। कीर्तिकुंज के अधिष्ठाता नन्हें वर्मा कहते हैं कि नई व्यवस्था से ज्वेलरी का कारोबार चौपट होगा। बक्शा के गुलाब यादव कहते हैं कि उनकी भतीजे की शादी मई महीने में है। गहने की खरीददारी अप्रैल से पहले ही करना होगा।