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Jaunpur News: 37 साल पहले हुई हत्या तो नहीं बनी मौत की वजह

Sat, 14 Oct 2023 12:17 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 14 Oct 2023 12:17 AM IST
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The murder that happened 37 years ago did not become the cause of death.
मड़ियाहूं। मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के नेवादा गांव में बृहस्पतिवार की शाम आरा मशीन संचालक जयप्रकाश सिंह उर्फ गुड्डू सिंह की गोली मारकर हत्या के पीछे लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। बताया जा रहा कि 1986 में महमदपुर के गोपी यादव की गोली मारकर हत्या हुई थी। इसमें जयप्रकाश सिंह के बड़े भाई प्रेम प्रकाश सिंह को हत्या का आरोपी बनाया गया था। हालांकि काफी दिनों तक चले मुकदमेबाजी में न्यायालय ने प्रेमप्रकाश को बरी कर दिया था।
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चर्चा है कि उसी को लेकर युवकों ने इस घटना को अंजाम दिया। वजह कि जयप्रकाश की हत्या का मुख्य आरोपी अभिषेक यादव पुत्र अच्छेलाल महमदपुर का निवासी है और गोपी यादव का भतीजा है। जयप्रकाश सिंह के पुत्र राजवीर सिंह का कहना है कि बृहस्पतिवार की दोपहर में महमदपुर गांव का एक युवक किसी काम से पिता के पास आया था। उन्होंने डांटकर भगा दिया था। जाते समय युवक ने देख लेने की धमकी भी दी थी। शाम होते-होते हत्या हो गई। उधर, आरा संचालक की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। अब क्षेत्रीय लोगों की निगाहें मड़ियाहूं पुलिस की जांच पर टिकी है। लोगों का कहना है कि आरा संचालक की मौत तीन दशक पूर्व हुई हत्या का बदला है या कुछ अन्य।
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कच्ची गृहस्थी छोड़कर चले गए जयप्रकाश सिंह
मड़ियाहूं। क्षेत्र के नेवादा गांव में बृहस्पतिवार को आरा मशीन संचालक जयप्रकाश सिंह की हत्या ने उनकी कच्ची गृहस्थी उजाड़ दी। शुक्रवार की सायं शव घर पहुंचा तो पत्नी नीतू सिंह व परिजनों का रोकर बुरा हाल हो गया। शव घर पहुंचने की जानकारी होते ही शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया।
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जयप्रकाश सिंह के दो पुत्र महिपाल सिंह (28) व राजवीर सिंह (25) है। महिपाल बड़ा होने के नाते पिता के साथ आरा व्यवसाय में हाथ बंटाता था और छोटा पुत्र राजवीर बाहर रहकर नौकरी के लिए तैयारी कर रहा था। दोनों की शादी नहीं हुई है। वहीं पत्नी नीतू सिंह गृहिणी हैं। जयप्रकाश की मौत के बाद वाराणसी में पोस्टमार्टम के बाद नेवादा गांव में उनका शव सायं साढ़े पांच बजे पहुंचा। इसकी सूचना मिलते ही आस-पास के गांवों के लोग पहुंच गए। सभी ने श्रद्धांजलि दी। शव को पकड़कर पत्नी नीतू व उनके दोनों पुत्र बार-बार पिता को आवाज लगाकर रो रहे थे। इस दौरान वहां जुटे अन्य रिश्तेदार व संबंधी उनको ढांढस बंधाते नजर आए। सायं सात बजे गांव से उनका शव रामघाट पर अंतिम के लिए रवाना किया गया। जहां उनको मुखाग्नि दी गई।
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