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Jaunpur News: दो सीसीटीवी कैमरे में 12 मिनट का अंतर और अलग-अलग बयान से पकड़े गए हत्यारोपी

Tue, 30 Dec 2025 12:58 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Dec 2025 12:58 AM IST
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The murder accused was caught after a 12-minute gap in two CCTV cameras and different statements
जौनपुर। यूबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक फूलचंद्र पासवान की हत्या का खुलासा पुलिस ने केवल एक क्लू की मदद से किया। यह दो सीसीटीवी कैमरे में 12 मिनट का अंतर था। यहीं, से पुलिस को शक हुआ और बाइक सवार की पहचान कर उनसे अलग-अलग पूछताछ की गई। दोनों के बयान में अंतर ने पुलिस को वारदात के खुलासे तक पहुंचा दिया। पुलिस की जांच के मुताबिक फूलचंद उर्फ सेवाराम पासवान घर से सुबह 9:45 बजे दुकान पर गए थे। सुबह 10:15 बजे दुकान का शटर गिरा था। बाहर गांव की दो, तीन औरतें आईं थीं। उन्होंने अंदर से कराहने की आवाज सुनकर शोर मचाया। लोगों ने शटर उठाया तो कुर्सी पर फूलचंद्र पड़े कराह रहे थे। सिर से खून बह रहा था। सिर पर किसी धारदार चीज से मारकर चोट पहुंचाई गई थी। परिजन पुलिस की मदद से शाहगंज सीएचसी ले गए, लेकिन उन्हें चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने उनकी जेब से 1.67 लाख रुपये बरामद किए थे। जबकि परिजनों का कहना था कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। जांच में मौके पर गए एसपी डाॅ. कौस्तुभ ने खुलासे के लिए पांच टीमों का गठन किया, जिसे एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव खुद लीड कर रहे थे। वह लगातार तीन दिनों तक जांच करने गए। एएसपी सिटी के मुताबिक जांच के दौरान रास्ते में लगे दो सीसीटीवी कैमरे में बाइक सवार दो लोग आते और जाते नजर आए। वे दिन में 10:11 बजे बाइक से आते और 10:23 बजे वापस जाते नजर आए। महज 12 मिनट के इस अंतराल को देखने के बाद पुलिस ने बाइक और दोनों युवकों की तलाश की। चूंकि हत्यारोपी पुलिस की कार्रवाई के समय मृतक और ग्रामीणों के साथ मौके पर ही पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे, जिससे उन तक पुलिस को पहुंचना मुश्किल हो रहा था। हालांकि पहचान के बाद पुलिस ने राजेश यादव और अंकित गुप्ता को हिरासत में ले लिया गया और अलग-अलग पूछताछ की। दोनों ने चाय पीने जाने की बात तो कही लेकिन दुकान अलग-अलग बताई। ऐसे में पुलिस ने गहनता से पूछताछ की तो उन्होंने हत्या की बात कबूल कर ली। राजेश यादव का गांव निवासी अंकित गुप्ता विश्वास पात्र है। वह राजेश के खेत में काम करता था और बदले में उसे 500 रुपये मिलते थे। वह हमेशा राजेश के साथ ही रहता था और वह जो कहता था, उसे वह करता था।
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