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अंतिम दिन 59.60 लाख के पुराने नोट जमा
jaunpur
Updated Sat, 31 Dec 2016 12:55 AM IST
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नगर में एसबीआई मुख्य शाखा में पैसा निकालने के लिए लगी लाइन।
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नोटबंदी के बाद हजार और पांच सौ रुपये के अमान्य नोटों को बैंक में जमा करने के आखिरी दिन शुक्रवार को जिले की विभिन्न बैंक शाखाओं में 59.60 लाख रुपये जमा किए गए। नोटबंदी के बाद से बैंकों में हजार और पांच सौ के अमान्य नोट जमा करने की रोज भीड़ लगती रही।
पिछले दस दिनों से रुपये जमा करने वालों की भीड़ कम हुई तो समझा जा रहा था कि बाहर मौजूद हजार और पांच सौ रुपये के नोट सब बैंक में जमा हो चुके हैं। लेकिन आखिरी दिन भी लोगों ने पुराने नोट जमा किए।
आखिरी दिन पुराने नोट जमा करने के लिए एसबीआई की मुख्य शाखा में पहुंचे जफराबाद के हरिशंकर निषाद ने कहा कि उनके पास सिर्फ दो हजार रुपये थे लेकिन भीड़ के कारण बैंक में जाने की हिम्मत नहीं पड़ रही थी। दो बार बैंक आया भी था तो लौट गया।
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शुक्रवार को आखिरी दिन होने के नाते यह सोचकर आया था कि कुछ भी हो रुपये खाते में जमा करना ही है। अग्रणी बैंक प्रबंधक के मुताबिक विभिन्न शाखाओं में अंतिम दिन हजार और पांच सौ के अमान्य नोट 59.60 लाख रुपरये जमा किए गए।
जिले में कितने पुराने नोट जमा किए गए हैं इसका हिसाब अभी नहीं हो सका है। एसबीआई के शाखा प्रबंधक वरुण कुमार खान ने कहा कि जिले में हजार और पांच सौ रुपये के कितने नोट बैंक में जमा किए गए हैं इसका सही फीगर अभी नहीं मिल सका है।
पुराने नोट जमा करने की जो आरबीआई को सूचना गई है उसमें भी अभी अंतर आ सकता है। इसलिए कि डाकघर ने जितनी नोट जमा किया है वह सीधे आरबीआई को सूचना दी है और वही रुपया डाकघर ने एसबीआई के चेस्ट में जमा किया तो यहां से भी उसी नोट की रिपोर्ट आरबीआई को भेजी गई है।
मिसाल के तौर पर डाकघर ने 40 करोड़ जमा किए तो उसने चालीस करोड़ की रिपोर्ट आरबीआई को भेजी और वही चालीस करोड़ रुपये एसबीआई की चेस्ट में आया तो यहां से भी वही रिपोर्ट भेजी गई। इस तरह जमा हुआ रुपया 40 करोड़ और रिपोर्ट 80 करोड़ की हो गई।
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पिछले दस दिनों से रुपये जमा करने वालों की भीड़ कम हुई तो समझा जा रहा था कि बाहर मौजूद हजार और पांच सौ रुपये के नोट सब बैंक में जमा हो चुके हैं। लेकिन आखिरी दिन भी लोगों ने पुराने नोट जमा किए।
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आखिरी दिन पुराने नोट जमा करने के लिए एसबीआई की मुख्य शाखा में पहुंचे जफराबाद के हरिशंकर निषाद ने कहा कि उनके पास सिर्फ दो हजार रुपये थे लेकिन भीड़ के कारण बैंक में जाने की हिम्मत नहीं पड़ रही थी। दो बार बैंक आया भी था तो लौट गया।
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शुक्रवार को आखिरी दिन होने के नाते यह सोचकर आया था कि कुछ भी हो रुपये खाते में जमा करना ही है। अग्रणी बैंक प्रबंधक के मुताबिक विभिन्न शाखाओं में अंतिम दिन हजार और पांच सौ के अमान्य नोट 59.60 लाख रुपरये जमा किए गए।
जिले में कितने पुराने नोट जमा किए गए हैं इसका हिसाब अभी नहीं हो सका है। एसबीआई के शाखा प्रबंधक वरुण कुमार खान ने कहा कि जिले में हजार और पांच सौ रुपये के कितने नोट बैंक में जमा किए गए हैं इसका सही फीगर अभी नहीं मिल सका है।
पुराने नोट जमा करने की जो आरबीआई को सूचना गई है उसमें भी अभी अंतर आ सकता है। इसलिए कि डाकघर ने जितनी नोट जमा किया है वह सीधे आरबीआई को सूचना दी है और वही रुपया डाकघर ने एसबीआई के चेस्ट में जमा किया तो यहां से भी उसी नोट की रिपोर्ट आरबीआई को भेजी गई है।
मिसाल के तौर पर डाकघर ने 40 करोड़ जमा किए तो उसने चालीस करोड़ की रिपोर्ट आरबीआई को भेजी और वही चालीस करोड़ रुपये एसबीआई की चेस्ट में आया तो यहां से भी वही रिपोर्ट भेजी गई। इस तरह जमा हुआ रुपया 40 करोड़ और रिपोर्ट 80 करोड़ की हो गई।