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अपहरण की कहानी निकली झूठी, घर में ही मिला छात्र
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जौनपुर। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के शेखुपुर मोहल्ले से बीएससी के छात्र के अपहरण का मामला झूठा निकला है। पिता ने पुरानी रंजिश में विरोधियों पर साजिश के तहत केस दर्ज कराया था। पुलिस ने जब उस पर दबाव दिया तो घर के अंदर से ही छात्र बरामद हुआ। अब पुलिस झूठी सूचना देने वाले पिता पर केस दर्ज करने की तैयारी में है।
बक्शा थाना क्षेत्र के मैनुद्दीनपुर गांव निवासी गौरीशंकर यादव शहर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के शेखुपुर मोहल्ले में मकान बनवाकर रहते हैं। उनका पुत्र आशुतोष बीएचयू में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है। लॉक डाउन के दौरान वह घर आया है। गौरीशंकर ने शुक्रवार को थाने में शिकायत की थी कि आशुतोष का अपहरण हो गया है। उसने चार लोगों पर आरोप लगाया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने चारों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो उन्होंने अपहरण की घटना से इंकार किया। काफी छानबीन के बाद भी जब छात्र का कहीं पता नहीं चला तो पुलिस ने पिता से ही पूछताछ शुरू की। दबाव पड़ा तो उसने घर के अंदर से ही बेटे को बरामद कराया। एएसपी सिटी डॉ. संजय कुमार का कहना है कि गौरीशंकर ने रंजिश के तहत चार लोगों पर अपहरण का झूठा केस दर्ज कराया था। दबाव पड़ने पर उसने सच्चाई बताई। छात्र को घर के अंदर से ही बरामद किया गया है। झूठा केस दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने के आरोप में गौरीशंकर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए थाने को निर्देशित किया गया है।
झूठा लगाया गया है आरोप
बक्शा। थाना क्षेत्र के हैदरपुर गांव निवासी भानू सिंह व चंद्रप्रकाश सिंह(बिंदू) ने बताया कि आशीष सिंह ( आशु )ने मेरे ऊपर जो गंभीर आरोप लगाए हैं। वह सरसर झूठ है। उन्होंने कहा कि आशु ने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार की रात जौनपुर से घर जाते समय बक्शा थाना क्षेत्र के गढ़ाबाघराय गाँव के पास सफेद स्कार्पियो सवार चार अज्ञात लोग मेरी कार को ओवरटेक कर रोक असलहा दिखाते हुए गाड़ी से जबरन उतार लिए,यह आरोप झूठर है, जबकि आशीष सिंह (आशु) कि मारपीट यादव के लड़कों से हुई है, जो थाने में बंद है। यह उसका निजी विवाद है। जिससे हम लोगों का कुछ लेना देना नहीं है।
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बक्शा थाना क्षेत्र के मैनुद्दीनपुर गांव निवासी गौरीशंकर यादव शहर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के शेखुपुर मोहल्ले में मकान बनवाकर रहते हैं। उनका पुत्र आशुतोष बीएचयू में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है। लॉक डाउन के दौरान वह घर आया है। गौरीशंकर ने शुक्रवार को थाने में शिकायत की थी कि आशुतोष का अपहरण हो गया है। उसने चार लोगों पर आरोप लगाया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने चारों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो उन्होंने अपहरण की घटना से इंकार किया। काफी छानबीन के बाद भी जब छात्र का कहीं पता नहीं चला तो पुलिस ने पिता से ही पूछताछ शुरू की। दबाव पड़ा तो उसने घर के अंदर से ही बेटे को बरामद कराया। एएसपी सिटी डॉ. संजय कुमार का कहना है कि गौरीशंकर ने रंजिश के तहत चार लोगों पर अपहरण का झूठा केस दर्ज कराया था। दबाव पड़ने पर उसने सच्चाई बताई। छात्र को घर के अंदर से ही बरामद किया गया है। झूठा केस दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने के आरोप में गौरीशंकर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए थाने को निर्देशित किया गया है।
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झूठा लगाया गया है आरोप
बक्शा। थाना क्षेत्र के हैदरपुर गांव निवासी भानू सिंह व चंद्रप्रकाश सिंह(बिंदू) ने बताया कि आशीष सिंह ( आशु )ने मेरे ऊपर जो गंभीर आरोप लगाए हैं। वह सरसर झूठ है। उन्होंने कहा कि आशु ने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार की रात जौनपुर से घर जाते समय बक्शा थाना क्षेत्र के गढ़ाबाघराय गाँव के पास सफेद स्कार्पियो सवार चार अज्ञात लोग मेरी कार को ओवरटेक कर रोक असलहा दिखाते हुए गाड़ी से जबरन उतार लिए,यह आरोप झूठर है, जबकि आशीष सिंह (आशु) कि मारपीट यादव के लड़कों से हुई है, जो थाने में बंद है। यह उसका निजी विवाद है। जिससे हम लोगों का कुछ लेना देना नहीं है।
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