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Jaunpur News: खत्म हुआ वित्तीय वर्ष, पूरी नहीं हो पाईं महत्वपूर्ण परियोजनाएं
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जौनपुर। इस वित्तीय वर्ष जिले की कुछ विकास परियोजनाएं मार्च 2025 तक पूरी होनी थीं, लेकिन कार्यदायी संस्था की लेटलतीफी से काम पूरा नहीं हो सका है। अब कुछ परियोजनाएं दिसंबर 2025 तो कुछ अगले वर्ष मार्च में पूरी होंगी।
सूबे की सरकार जनपद के विकास व आम जनता को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए तमाम योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। लेकिन विभाग और कार्यदायी संस्था की लापरवाही से कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं लंबित पड़ी हैं। जिले के प्रभारी मंत्री व उच्चाधिकारियों के निरीक्षण में बार-बार आदेश दिये जाने के बाद भी तिथि बढ़ती गई है। अधिकारियों के मुताबिक कुछ परियोजनाओं में बजट समय से न मिलने के कारण ऐसा हुआ । वहीं कुछ परियोजनाएं ठेकेदारों की लेटलतीफी और सही निगरानी न होना भी है।
मेडिकल कालेज का निर्माण अधूरा-जनपद की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में एक राजकीय मेडिकल कॉलेज 31 दिसंबर 2024 तक पूरा करना था, लेकिन अभी तक 88.89 प्रतिशत काम हो सका है। इसमें अब तक 479.8 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अब इसकी समय सीमा बढ़ाकर सितंबर 2025 कर दी गई है।
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ड्रग वेयर हाउस का निर्माण अधूरा-जौनपुर में ड्रगवेयर हाऊस निर्माण में बजट के अभाव से कुछ काम बाकी रह गए हैं। काम सितंबर 2024 तक ही पूरा करना था। हालांकि 82 प्रतिशत काम हो गया है। इस परियोजना के निर्माण की कुल लागत 9.81 करोड़ है। इसमें अब तक 6.49 करोड़ रुपये जारी हो चुका है। इस परियोजना को भी पूरा करने का समय बढ़ा दिया गया है।
महज 30 फीसदी हुआ तरणताल का निर्माण-इंदिरागांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में 4.87 करोड़ से तरणताल का निर्माण होना है। इसकी पहली किस्त 2.44 करोड़ रुपये जारी है। 2024 में ही काम पूरा करना था, लेकिन अभी तक महज 30 प्रतिशत ही काम हुआ है। काम 28 फरवरी 2025 तक होना था। इसकी भी अवधि बढ़ाकर दिसंबर 2025 किया गया है।
पांच वर्षों में भी हर घर तक नहीं पहुंचा जल-जिले में जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना का काम पिछले चार वर्षों से हो रहा है। रफ्तार इतनी धीमी है कि प्रगति 65 फीसदी ही हो सकी है। जिनके यहां नल लगे हैं वहां भी आज तक पानी नहीं पहुंच सका है। यही कारण है कि इस गर्मी में भी लोगों की प्यास बुझना तो छोड़िए योजना के तहत लगे नल में पानी देखने तक को नहीं मिलेगा।
जिले में कुछ परियोजनाएं बजट के अभाव में देर हुईं। इनके अलावा ठेकेदारों की लापरवाही भी कारण है। इसके लिए संबंधित संस्थाओं को पत्र लिखा गया है। जितनी परियोजनाओं की समय अवधि बढ़ाई गई है वो सब समय से पूरी कराई जाएंगी। - साईं तेजा सीलम, सीडीओ
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सूबे की सरकार जनपद के विकास व आम जनता को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए तमाम योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। लेकिन विभाग और कार्यदायी संस्था की लापरवाही से कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं लंबित पड़ी हैं। जिले के प्रभारी मंत्री व उच्चाधिकारियों के निरीक्षण में बार-बार आदेश दिये जाने के बाद भी तिथि बढ़ती गई है। अधिकारियों के मुताबिक कुछ परियोजनाओं में बजट समय से न मिलने के कारण ऐसा हुआ । वहीं कुछ परियोजनाएं ठेकेदारों की लेटलतीफी और सही निगरानी न होना भी है।
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मेडिकल कालेज का निर्माण अधूरा-जनपद की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में एक राजकीय मेडिकल कॉलेज 31 दिसंबर 2024 तक पूरा करना था, लेकिन अभी तक 88.89 प्रतिशत काम हो सका है। इसमें अब तक 479.8 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अब इसकी समय सीमा बढ़ाकर सितंबर 2025 कर दी गई है।
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ड्रग वेयर हाउस का निर्माण अधूरा-जौनपुर में ड्रगवेयर हाऊस निर्माण में बजट के अभाव से कुछ काम बाकी रह गए हैं। काम सितंबर 2024 तक ही पूरा करना था। हालांकि 82 प्रतिशत काम हो गया है। इस परियोजना के निर्माण की कुल लागत 9.81 करोड़ है। इसमें अब तक 6.49 करोड़ रुपये जारी हो चुका है। इस परियोजना को भी पूरा करने का समय बढ़ा दिया गया है।
महज 30 फीसदी हुआ तरणताल का निर्माण-इंदिरागांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में 4.87 करोड़ से तरणताल का निर्माण होना है। इसकी पहली किस्त 2.44 करोड़ रुपये जारी है। 2024 में ही काम पूरा करना था, लेकिन अभी तक महज 30 प्रतिशत ही काम हुआ है। काम 28 फरवरी 2025 तक होना था। इसकी भी अवधि बढ़ाकर दिसंबर 2025 किया गया है।
पांच वर्षों में भी हर घर तक नहीं पहुंचा जल-जिले में जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना का काम पिछले चार वर्षों से हो रहा है। रफ्तार इतनी धीमी है कि प्रगति 65 फीसदी ही हो सकी है। जिनके यहां नल लगे हैं वहां भी आज तक पानी नहीं पहुंच सका है। यही कारण है कि इस गर्मी में भी लोगों की प्यास बुझना तो छोड़िए योजना के तहत लगे नल में पानी देखने तक को नहीं मिलेगा।
जिले में कुछ परियोजनाएं बजट के अभाव में देर हुईं। इनके अलावा ठेकेदारों की लापरवाही भी कारण है। इसके लिए संबंधित संस्थाओं को पत्र लिखा गया है। जितनी परियोजनाओं की समय अवधि बढ़ाई गई है वो सब समय से पूरी कराई जाएंगी। - साईं तेजा सीलम, सीडीओ