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Jaunpur News: जिले की रैंकिंग फिर लुढ़की, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में 74 वें पायदान पर
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जौनपुर। जिले के विकास व राजस्व की संयुक्त रैंकिंग एक बार फिर लुढ़की है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में जनपद 74 वें पायदान पर पहुंच गया है। वहीं राजस्व के मामले में 72 वें स्थान पर है। बीते माह में जिले की रैकिंग पर गौर किया जाए तो मार्च में 65 वें, फरवरी में 69 वें तो जनवरी में 74 वें पायदान पर थी। सीएम डैशबोर्ड की अप्रैल 2025 की सभी जिलों की रैंकिंग एक साथ जारी की गई है। रैंकिंग लुढ़कने का कारण कई बड़ी परियोजनाओं का आज तक पूरा न होना व धीमी गति से काम होना है।
प्रदेश में शासन स्तर से हर महीने जिलेवार विकास व राजस्व कार्यों की समीक्षा की जाती है। इसके आधार पर रैंकिंग जारी की जाती है। इसकी समीक्षा सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव स्तर से की जाती है। अप्रैल की रैंकिंग के अनुसार वाराणसी मंडल के तीन जिलों में सबसे अच्छी रैंकिंग गाजीपुर की है जो 53 वें पायदान पर है। प्रदेश में पहले स्थान पर महराजगंज व दूसरे स्थान पर झांसी है।
इस तरह की जाती है रैंकिंग :-सीएम डैशबोर्ड में हर महीने जिलेवार परियोजनाओं और विभागवार आंकड़े फीड किए जाते हैं। इसके बाद इसकी शासन स्तर पर समीक्षा कर रैंकिंग जारी की जाती है। इनमें विगत माह में सौर ऊर्जा, उद्यान, ऊर्जा, कृषि (किसान सम्मान निधि, कुसुम आदि योजनाएं), ग्राम्य विकास विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, दुग्ध विकास, दिव्यांगजन सशक्तीकरण आदि की समीक्षा के आधार पर रैंकिंग जारी की गई है।
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विकास व राजस्व की संयुक्त रैंकिंग में मऊ पांचवें और मिर्जापुर 14 वे स्थान पर-सीएम डैशबोर्ड के अनुसार सबसे अच्छे प्रदर्शन में मऊ 5 वे स्थान, मिर्जापुर 14, वाराणसी 20, बलिया 25, आजमगढ़ 30, भदोही 32, सोनभद्र 38 वें स्थान, चंदौली 45, गाजीपुर 53 वें और जौनपुर 74 वें स्थान पर है।
इन कारणों से रैंकिंग खराब हुई -जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना, अमृत योजना के तहत सीवर लाइन, अमृत भारत योजना के तहत स्टेशनों का सुंदरीकरण, मेडिकल कॉलेज, स्पोर्ट्स स्टेडियम, सेतु निगम के रेलवे ओवरब्रिज के निर्माणाधीन परियोजनाओं की लेट लतीफी से विकास कार्य की स्थिति खराब है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की बदहाल सड़कें, साफ-सफाई की अव्यवस्था, खराब बिजली आपूर्ति, समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं का खराब क्रियान्वयन, प्राथमिक व माध्यम विद्यालयों में अव्यवस्थाएं आदि मानकों पर खराब प्रदर्शन है। साथ ही राजस्व वादों के निस्तारण को लेकर कारण भी रैकिंग में गिरावट आई है।
सीएम डैशबोर्ड में जनपद की प्रगति सुधारने के लिए लगातार बैठक की जा रही है। सभी संबंधित अधिकारियों को रैकिंग में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद भी जो लापरवाही कर रहे हैं उनको नोटिस दी जाएगी। - डॉ.दिनेशचंद्र, जिलाधिकारी।
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प्रदेश में शासन स्तर से हर महीने जिलेवार विकास व राजस्व कार्यों की समीक्षा की जाती है। इसके आधार पर रैंकिंग जारी की जाती है। इसकी समीक्षा सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव स्तर से की जाती है। अप्रैल की रैंकिंग के अनुसार वाराणसी मंडल के तीन जिलों में सबसे अच्छी रैंकिंग गाजीपुर की है जो 53 वें पायदान पर है। प्रदेश में पहले स्थान पर महराजगंज व दूसरे स्थान पर झांसी है।
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इस तरह की जाती है रैंकिंग :-सीएम डैशबोर्ड में हर महीने जिलेवार परियोजनाओं और विभागवार आंकड़े फीड किए जाते हैं। इसके बाद इसकी शासन स्तर पर समीक्षा कर रैंकिंग जारी की जाती है। इनमें विगत माह में सौर ऊर्जा, उद्यान, ऊर्जा, कृषि (किसान सम्मान निधि, कुसुम आदि योजनाएं), ग्राम्य विकास विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, दुग्ध विकास, दिव्यांगजन सशक्तीकरण आदि की समीक्षा के आधार पर रैंकिंग जारी की गई है।
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विकास व राजस्व की संयुक्त रैंकिंग में मऊ पांचवें और मिर्जापुर 14 वे स्थान पर-सीएम डैशबोर्ड के अनुसार सबसे अच्छे प्रदर्शन में मऊ 5 वे स्थान, मिर्जापुर 14, वाराणसी 20, बलिया 25, आजमगढ़ 30, भदोही 32, सोनभद्र 38 वें स्थान, चंदौली 45, गाजीपुर 53 वें और जौनपुर 74 वें स्थान पर है।
इन कारणों से रैंकिंग खराब हुई -जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना, अमृत योजना के तहत सीवर लाइन, अमृत भारत योजना के तहत स्टेशनों का सुंदरीकरण, मेडिकल कॉलेज, स्पोर्ट्स स्टेडियम, सेतु निगम के रेलवे ओवरब्रिज के निर्माणाधीन परियोजनाओं की लेट लतीफी से विकास कार्य की स्थिति खराब है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की बदहाल सड़कें, साफ-सफाई की अव्यवस्था, खराब बिजली आपूर्ति, समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं का खराब क्रियान्वयन, प्राथमिक व माध्यम विद्यालयों में अव्यवस्थाएं आदि मानकों पर खराब प्रदर्शन है। साथ ही राजस्व वादों के निस्तारण को लेकर कारण भी रैकिंग में गिरावट आई है।
सीएम डैशबोर्ड में जनपद की प्रगति सुधारने के लिए लगातार बैठक की जा रही है। सभी संबंधित अधिकारियों को रैकिंग में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद भी जो लापरवाही कर रहे हैं उनको नोटिस दी जाएगी। - डॉ.दिनेशचंद्र, जिलाधिकारी।