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भीड़ ऐसी उमड़ी कि प्रशासन ने खत्म की जांच रिपोर्ट की अनिवार्यता

Wed, 28 Apr 2021 07:46 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 28 Apr 2021 07:46 PM IST
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The crowd gathered so that the administration ended its mandatory investigation report
जौनपुर। कोरोना संक्रमण के भयावह स्थिति के लिए काफी हद तक पंचायत चुनावों को जिम्मेदार माना जा रहा है। बावजूद लोग सबक लेने को तैयार नहीं है। कुर्सी का मोह इतना भारी है कि जान जोखिम में डालकर वह बुधवार को अपनी कोरोना जांच कराने पहुंचे। मतगणना में एजेंट बनने के लिए कोविड जांच रिपोर्ट की अनिवार्यता के चलते विभिन्न अस्पतालों पर ऐसी भीड़ उमड़ी कि सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को खुद अपना फैसला बदलना पड़ गया। अब मतगणना स्थल पर ही थर्मल स्क्रीनिंग व ऑक्सीमीटर से जांच की जाएगी।
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पंचायत चुनाव के एलान के ठीक बाद से जिले में कोरोना का संक्रमण बढ़ना भी शुरू हुआ। नामांकन पत्र खरीदने, चालान जमा करने, नामाकंन पत्र जमा करने, चुनाव चिह्न आवंटन, प्रचार और मतदान के दौरान लोगों ने कोरोना के बचाव मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई। इस लापरवाही का ही असर था कि चुनाव बीतते ही मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। चुनाव से पहले जहां रोजाना 100 से सवा सौ मरीज मिल रहे थे। वहीं मतदान के बाद यह संख्या पांच सौ के पार पहुंच गया। 27 दिनों में 41 लोगों की जान जा चुकी है। इन सबके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे। संक्रमण रोकने के लिए ही प्रशासन ने मतगणना एजेंट बनने वालों के लिए कोविड-19 की जांच रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य किया था। बुधवार को जिला अस्पताल सहित अन्य ब्लाकस्तरीय सीएचसी पर कोविड जांच कराने वालों की भीड़ लगी रही। लंबी कतारों में लोग जांच कराने के लिए खड़े रहे। जिला अस्पताल में आरटी-पीसीआर जांच के लिए सामान्य दिनों में भी काफी भीड़ रहती है। एजेंट बनने वालों की भी संख्या पहुंचने से संख्या दोगुनी हो गई। इससे व्यवस्था ही ध्वस्त हो गई। दो गज की दूरी का मानक छलावा साबित हुआ। उधर, मड़ियाहूं सीएचसी पर भी जांच कराने के लिए विकासखंड के सभी गांवों से लोग पहुंच गए थे। तहसील मुख्यालय होने के कारण अन्य ब्लाकों से भी लोग यहीं जांच करा रहे थे। यहां चार सौ से भी अधिक लोगों की जांच हुई। दोपहर में ही टेस्टिंग किट खत्म होने से बहुतों को मायूस लौटना पड़ा। कमोवेश ऐसा ही हाल शाहगंज सीएचसी का भी था। बढ़ते कोरोना संक्रमण से बेपरवाह लोग कतार में खड़े होकर जांच कराने के लिए धक्का-मुक्की करते रहे। यही हाल मछलीशहर, मुंगराबादशाहपुर, बदलापुर सहित अन्य क्षेत्रों का भी रहा।
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