फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   The cost of medical college increased by 43 crores due to slow construction speed

धीमी निर्माण गति से 43 करोड़ बढ़ी मेडिकल कॉलेज की लागत

Thu, 10 Sep 2020 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2020 11:54 PM IST
विज्ञापन
The cost of medical college increased by 43 crores due to slow construction speed
सिद्दीकपुर स्थित निर्माणाधीन मेडिकल कालेज । - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। जिस मेडिकल कॉलेज को वर्ष 2018 तक बनकर तैयार हो जाना था, वह अब तक महज 45 फीसदी ही बन पाया है। निर्माण की इस धीमी गति का असर परियोजना की लागत पर पड़ा है। कच्चे माल की महंगाई के कारण करीब 43 करोड़ रुपये लागत बढ़ गई है। कार्यदायी संस्था ने 597 करोड़ का पुनरीक्षित बजट शासन को भेजा है। नया बजट स्वीकृति होने के बाद ही काम में तेजी आएगी। फिलहाल पांच सौ बेड के इस मेडिकल कॉलेज को बनाने में 84 मजदूर लगाए गए हैं और पूरा करने की अवधि 2021 तय की गई है।
विज्ञापन

राजकीय मेडिकल कॉलेज की नींव सितंबर 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सिद्दीकपुर के बंद पड़े कताई मिल परिसर रखी थी। तब पांच सौ बेड वाले अस्पताल और कॉलेज निर्माण का 554 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया था। इसे जून 2018 तक बनकर तैयार हो जाना था। राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था बनाते हुए धन भी अवमुक्त कर दिया गया। शुरुआत में काम बहुत तेजी से हुआ, मगर कुछ वर्षों बाद ही इसकी रफ्तार थम गई। डेडलाइन खत्म होने के दो वर्ष बाद भी 45 फीसदी ही काम ही पूरा हो पाया है। परियोजना स्वीकृति के समय की तुलना में आज गिट्टी, बालू, सीमेंट, सरिया, माल ढुलाई आदि की कीमतें बढ़ चुकी हैं। ऐसे में कार्यदायी संस्था ने 43 करोड़ रुपये अतिरिक्त की मांग की है।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज के लिए 554 करोड़ रुपये का बजट वर्ष 2014 में स्वीकृत हुआ था। तब से कच्चे माल के रेट में काफी वृद्धि हुई है। शासन के निर्देश पर पुनरीक्षित आगणन 597 करोड़ रुपये का भेजा गया है। बजट की अनमुति मिलते ही निर्माण कार्य को तेजी के साथ पूरा कराया जाएगा। लॉक डाउन में कुछ दिनों को छोड़कर कभी भी काम रुका नहीं है। अभी भी नियमित चल रहा है। -एमपी सिंह, परियोजना प्रबंधक, राजकीय निर्माण निगम आजमगढ़ इकाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

कताई मिल के सामानों के लिए दो कंपनियों की बीच खींचतान
करंजाकला। मेडिकल कॉलेज के निर्माण का निर्माण कताई मिल की जमीन पर हो रहा है। मिल के पुराने भवन को गिराने और वहां की मशीनों की खरीद के लिए दो कंपनियों में खींचतान शुरू हो गई है। भवन और मशीन की अलग-अलग खरीद करने वाली कंपनियां उन सामानों को लेने की फिराक में हैं, जिनकी नीलामी ही नहीं हुई। इसे लेकर बृहस्पतिवार को दोनों के प्रतिनिधियों के बीच काफी देर तक गतिरोध बना रहा।

यूपी यार्न कंपनी सिद्दीकपुर के ध्वस्तीकरण और कताई मिल के मशीनों की अलग-अलग नीलामी हुई थी। एचबी कंपनी अहमदाबाद ने कताई मिल की मशीनों को 2 करोड़ 88 लाख रुपये की बोली लगाकर खरीदा है। वहीं गणेश कंस्ट्रक्शन कंपनी बांबे ने ध्वस्तीकरण ईंट पत्थर की खरीद 81 लाख में की है। मामला तब उलझा, जब दोनों कंपनियां कताई मिल के कार्यालय में रखी कुर्सी मेज आलमारी और बर्तनों पर भी अपना हक जताने लगी। दोनों कंपनियां ने यह दावा किया कि यह सामान उनके टेंडर में है। मामला यूपी यार्न कंपनी कानपुर को लिखित दिया, लेकिन कंपनी ने दोनों खरीद कम्पनियों को सामान लेने को मना कर दिया। अपने सिक्योरिटी गार्ड उमराव सिंह को माल की देखरेख करने के लिए लगा दिया है। दोनों कंपनियों को एक अगस्त से 3 महीने में सारे सामान को बाहर कर मेडिकल कॉलेज की जमीन को हैंडओवर कर देना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed