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Jaunpur News: सात वर्षों से लंबित मामला दो घंटे में निपटा
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सिकरारा ब्लॉक क्षेत्र के पोखरियापुर गांव में मंगलवार को राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे डीएम ने सात वर्षों से भूमि विवाद के मामले का दो घंटे में समाधान कराया।
गांव निवासी प्रेमचंद ने सोमवार को जनसुनवाई में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र से शिकायत की थी कि उनकी माता धर्मा देवी की मृत्यु के पश्चात वरासत में उनके एकमात्र पुत्र प्रेमचंद के स्थान पर त्रुटिवश ओमप्रकाश, जयप्रकाश पुत्र कुबेर दर्ज हो गया था। बीते सात वर्षों से वरासत में अपना नाम दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार से प्रकरण की पूरी जानकारी ली। मंगलवार को जिलाधिकारी खुद शिकायतकर्ता प्रेमचन्द के घर पर पहुंचे और खुली बैठक में तस्कीद कराते हुए प्रेमचंद का नाम दर्ज कराने के लिए तहसीलदार और लेखपाल को निर्देश दिया। कहा कि नाम दर्ज करने के साथ ही तत्काल खतौनी उपलब्ध कराई जाए।
इसके अलावा उन्होंने ग्राम पोखरियापुर के मृतक रमाशंकर और रामदुलार की जगह उनके वारिसों के नाम दर्ज करने के साथ ही उन्हें भी खतौनी देने के निर्देश दिए तथा लेखपाल को निर्देशित किया कि जिनके यहां भी मृतक के स्थान पर उनके वारिसों का नाम दर्ज कराना है, तत्काल कराना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने गांव के वृद्ध लोगों से मुलाकात की और गांव की कक्षा आठ की छात्रा मायनूर शेख से गणित से जुडे़ प्रश्न पूछे और प्रोत्साहित भी किया तथा मिड-डे-मील के संदर्भ में भी जानकारी ली। इसके पूर्व जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत शिकायतों का संदर्भ लेते हुए सादिक पुत्र गेना निवासी ग्राम अजोरपुर तहसील केराकत जौनपुर के द्वारा वरासत के सम्बन्ध में दिये गये प्रार्थना पत्र के क्रम में उपजिलाधिकारी द्वारा मृतक गेना के वारिस सादिक का नाम वरासत में दर्ज कर खतौनी में अंकित करा दिया गया।
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गांव निवासी प्रेमचंद ने सोमवार को जनसुनवाई में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र से शिकायत की थी कि उनकी माता धर्मा देवी की मृत्यु के पश्चात वरासत में उनके एकमात्र पुत्र प्रेमचंद के स्थान पर त्रुटिवश ओमप्रकाश, जयप्रकाश पुत्र कुबेर दर्ज हो गया था। बीते सात वर्षों से वरासत में अपना नाम दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार से प्रकरण की पूरी जानकारी ली। मंगलवार को जिलाधिकारी खुद शिकायतकर्ता प्रेमचन्द के घर पर पहुंचे और खुली बैठक में तस्कीद कराते हुए प्रेमचंद का नाम दर्ज कराने के लिए तहसीलदार और लेखपाल को निर्देश दिया। कहा कि नाम दर्ज करने के साथ ही तत्काल खतौनी उपलब्ध कराई जाए।
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इसके अलावा उन्होंने ग्राम पोखरियापुर के मृतक रमाशंकर और रामदुलार की जगह उनके वारिसों के नाम दर्ज करने के साथ ही उन्हें भी खतौनी देने के निर्देश दिए तथा लेखपाल को निर्देशित किया कि जिनके यहां भी मृतक के स्थान पर उनके वारिसों का नाम दर्ज कराना है, तत्काल कराना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने गांव के वृद्ध लोगों से मुलाकात की और गांव की कक्षा आठ की छात्रा मायनूर शेख से गणित से जुडे़ प्रश्न पूछे और प्रोत्साहित भी किया तथा मिड-डे-मील के संदर्भ में भी जानकारी ली। इसके पूर्व जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत शिकायतों का संदर्भ लेते हुए सादिक पुत्र गेना निवासी ग्राम अजोरपुर तहसील केराकत जौनपुर के द्वारा वरासत के सम्बन्ध में दिये गये प्रार्थना पत्र के क्रम में उपजिलाधिकारी द्वारा मृतक गेना के वारिस सादिक का नाम वरासत में दर्ज कर खतौनी में अंकित करा दिया गया।
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