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पति को दस वर्ष और सास-ससुर को सात वर्ष का सश्रम कारावास
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जौनपुर। सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के कंधरापुर गांव में दहेज की मांग को लेकर चार वर्षों पूर्व विवाहिता की हत्या करने के मामले में बुधवार को जिला जज ओमप्रकाश त्रिपाठी ने दोषी करार देते हुए खुले न्यायालय में पति को दस वर्ष और सास - ससुर को सात- सात वर्ष के सश्रम कारावास एवं दस-दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन कथानक के अनुसार हीरालाल निवासी ग्राम सलहदीपुर थाना सरायख्वाजा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाया था कि उसने अपनी पुत्री सुनीता का शादी 24 जून 2012 को विकास पुत्र राजदेव निवासी ग्राम कंधरापुर अतरही थाना सराय ख्वाजा के साथ किया था। विवाह में पच्चास हजार रूपए नकद, बाइक व अन्य घरेलू सामान अपनी क्षमता के अनुसार दिया था। विवाह के पश्चात जब सुनीता विदा होकर अपने ससुराल गई तब उसके पति विकास, ससुर राजदेव, सास हीरावती फ्रिज, रंगीन टीवी तथा एक लाख रुपए नकद की मांग को लेकर सुनीता को प्रताड़ित करने लगे। घटना के एक माह पूर्व सुनीता ने फोन करके बताया कि अगर ससुराल वालों की मांग पूरी नहीं की गई तो वे लोग हमें जान से मार डालेंगे। 25/ 26 फरवरी 2015 की रात्रि इन लोगों ने सुनीता को जलाकर मार डाला। पुलिस ने मामले की विवेचना करके आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिडंह ऽकप्तानऽ ने गवाहों को परीक्षित कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्को को सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात न्यायालय ने तीनों आरोपियों पति,सास व ससुर को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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अभियोजन कथानक के अनुसार हीरालाल निवासी ग्राम सलहदीपुर थाना सरायख्वाजा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाया था कि उसने अपनी पुत्री सुनीता का शादी 24 जून 2012 को विकास पुत्र राजदेव निवासी ग्राम कंधरापुर अतरही थाना सराय ख्वाजा के साथ किया था। विवाह में पच्चास हजार रूपए नकद, बाइक व अन्य घरेलू सामान अपनी क्षमता के अनुसार दिया था। विवाह के पश्चात जब सुनीता विदा होकर अपने ससुराल गई तब उसके पति विकास, ससुर राजदेव, सास हीरावती फ्रिज, रंगीन टीवी तथा एक लाख रुपए नकद की मांग को लेकर सुनीता को प्रताड़ित करने लगे। घटना के एक माह पूर्व सुनीता ने फोन करके बताया कि अगर ससुराल वालों की मांग पूरी नहीं की गई तो वे लोग हमें जान से मार डालेंगे। 25/ 26 फरवरी 2015 की रात्रि इन लोगों ने सुनीता को जलाकर मार डाला। पुलिस ने मामले की विवेचना करके आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिडंह ऽकप्तानऽ ने गवाहों को परीक्षित कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्को को सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात न्यायालय ने तीनों आरोपियों पति,सास व ससुर को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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