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Jaunpur News: तेजी बाजार बन सकता है नया ब्लॉक, शासन ने मांगी रिपोर्ट, चार ब्लाॅकों को भेजा पत्र
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बरईपार। तेजी बाजार के नाम से नया विकास खंड बनाए जाने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर कवायद शुरू हो गई है। जिला विकास अधिकारी ने इस संबंध में बक्शा, महाराजगंज, सुजानगंज और सिकरारा विकास खंड के खंड विकास अधिकारियों से समीपवर्ती ग्राम पंचायतों का विवरण, उनकी जनसंख्या और दूरी संबंधी रिपोर्ट तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
नए विकास खंड की मांग महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री एवं भाजपा के जौनपुर से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह ने उठाई थी। उन्होंने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के जनशिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शासन स्तर से मामला संज्ञान में आने के बाद रिपोर्ट तलब की गई है।
जिला विकास अधिकारी मीनाक्षी देवी ने बताया कि चारों विकास खंडों के अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भी अवगत करा दिया गया है। माना जा रहा है कि आसपास की ग्राम पंचायतों को शामिल कर तेजी बाजार विकास खंड का प्रस्ताव तैयार किया जा सकता है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर हजारों ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ स्थानीय स्तर पर मिलने लगेगा।
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थाना बनने के बाद बढ़ीं प्रशासनिक मुश्किलें-स्थानीय लोगों का कहना है कि तेजी बाजार थाना बनने के बाद बरईपार क्षेत्र के निवासियों की प्रशासनिक परेशानियां बढ़ गई हैं। पहले अधिकांश कार्य एक ही दिन में पूरे हो जाते थे, लेकिन अब धारा 151 के मामलों में चिकित्सीय परीक्षण के लिए नौपेड़वा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और जमानत के लिए मछलीशहर स्थित उपजिलाधिकारी न्यायालय जाना पड़ता है। इस पूरी प्रक्रिया में दो दिन तक लग जाते हैं।
भौगोलिक स्थिति को लेकर भी उठे सवाल-बरईपार और तेजी बाजार के बीच बहने वाली सई नदी प्राकृतिक सीमा का कार्य करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना क्षेत्र के पुनर्गठन के समय इस भौगोलिक स्थिति का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया, जिससे आमजन को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है। थाना गठन के समय भी बरईपार के लोगों ने विरोध दर्ज कराया था और राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी से मिलकर समस्या बताई थी। अब नए विकास खंड की पहल से क्षेत्रवासियों में स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है।
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नए विकास खंड की मांग महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री एवं भाजपा के जौनपुर से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह ने उठाई थी। उन्होंने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के जनशिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शासन स्तर से मामला संज्ञान में आने के बाद रिपोर्ट तलब की गई है।
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जिला विकास अधिकारी मीनाक्षी देवी ने बताया कि चारों विकास खंडों के अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भी अवगत करा दिया गया है। माना जा रहा है कि आसपास की ग्राम पंचायतों को शामिल कर तेजी बाजार विकास खंड का प्रस्ताव तैयार किया जा सकता है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर हजारों ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ स्थानीय स्तर पर मिलने लगेगा।
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थाना बनने के बाद बढ़ीं प्रशासनिक मुश्किलें-स्थानीय लोगों का कहना है कि तेजी बाजार थाना बनने के बाद बरईपार क्षेत्र के निवासियों की प्रशासनिक परेशानियां बढ़ गई हैं। पहले अधिकांश कार्य एक ही दिन में पूरे हो जाते थे, लेकिन अब धारा 151 के मामलों में चिकित्सीय परीक्षण के लिए नौपेड़वा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और जमानत के लिए मछलीशहर स्थित उपजिलाधिकारी न्यायालय जाना पड़ता है। इस पूरी प्रक्रिया में दो दिन तक लग जाते हैं।
भौगोलिक स्थिति को लेकर भी उठे सवाल-बरईपार और तेजी बाजार के बीच बहने वाली सई नदी प्राकृतिक सीमा का कार्य करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना क्षेत्र के पुनर्गठन के समय इस भौगोलिक स्थिति का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया, जिससे आमजन को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है। थाना गठन के समय भी बरईपार के लोगों ने विरोध दर्ज कराया था और राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी से मिलकर समस्या बताई थी। अब नए विकास खंड की पहल से क्षेत्रवासियों में स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है।