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Jaunpur News: शिक्षक संघ ने डीआईओएस ऑफिस से रजिस्टर गायब करने का लगाया आरोप
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जौनपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट की बैठक एवं होली मिलन समारोह जिलाध्यक्ष तेरस यादव की अध्यक्षता में तिलकधारी सिंह इंटर कालेज सभागार में हुई। डीआईओएस कार्यालय से सत्यापन डिस्पैच रजिस्टर गायब होने पर शिक्षकों ने नाराजगी जताई।
संघ के प्रदेश संरक्षक रमेश सिंह ने कहा कि संगठन के प्रयास से अधिकांश तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण हो चुका है। जो बचे हैं उनका विनियमितीकरण जल्द हो जाएगा।
2000 के बाद के नियुक्त तदर्थ शिक्षकों का मानदेय का आदेश भी संगठन और शिक्षकों के संघर्ष का परिणाम है। डीआईओएस कार्यालय पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर आक्रोश व्यक्त करते कहा कि सेवानिवृत्त हुए प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों की पेंशन पत्रावलियां इसलिए लंबित हैं कि उनका विनियमितीकरण का सत्यापन डिस्पैच रजिस्टर के गायब हो गया है। डिस्पैच रजिस्टर कार्यालय से गायब होने का मामला हर साल आता है। लेकिन किसी भी जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है। डिस्पैच रजिस्टर कार्यालय से गायब होना धन उगाही का एक नया तरीका बन गया है।
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विगत दो वर्षों में प्रत्येेक शिक्षक से सत्यापन के नाम पर 2 लाख रुपये की वसूली की जाती है। वर्ष 2000 के बाद नियुक्त शिक्षकों का अवशेष, एनपीएस से ओपीएस में गए शिक्षकों का एनपीएस की कटौती की धनराशि ओपीएस खाते में स्थानांतरण सहित अन्य समस्याओ का समाधान नहीं हो पा रहा है। निस्तारण किया जाए अन्यथा मूल्यांकन का वहिष्कार करेगा। उत्तर दायित्व डीआईओएस का होगा। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. राकेश सिंह ने भी संबोधित किया। संवाद
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संघ के प्रदेश संरक्षक रमेश सिंह ने कहा कि संगठन के प्रयास से अधिकांश तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण हो चुका है। जो बचे हैं उनका विनियमितीकरण जल्द हो जाएगा।
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2000 के बाद के नियुक्त तदर्थ शिक्षकों का मानदेय का आदेश भी संगठन और शिक्षकों के संघर्ष का परिणाम है। डीआईओएस कार्यालय पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर आक्रोश व्यक्त करते कहा कि सेवानिवृत्त हुए प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों की पेंशन पत्रावलियां इसलिए लंबित हैं कि उनका विनियमितीकरण का सत्यापन डिस्पैच रजिस्टर के गायब हो गया है। डिस्पैच रजिस्टर कार्यालय से गायब होने का मामला हर साल आता है। लेकिन किसी भी जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है। डिस्पैच रजिस्टर कार्यालय से गायब होना धन उगाही का एक नया तरीका बन गया है।
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विगत दो वर्षों में प्रत्येेक शिक्षक से सत्यापन के नाम पर 2 लाख रुपये की वसूली की जाती है। वर्ष 2000 के बाद नियुक्त शिक्षकों का अवशेष, एनपीएस से ओपीएस में गए शिक्षकों का एनपीएस की कटौती की धनराशि ओपीएस खाते में स्थानांतरण सहित अन्य समस्याओ का समाधान नहीं हो पा रहा है। निस्तारण किया जाए अन्यथा मूल्यांकन का वहिष्कार करेगा। उत्तर दायित्व डीआईओएस का होगा। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. राकेश सिंह ने भी संबोधित किया। संवाद