{"_id":"bb3ec223cebb1dff5dc88dc8b0a9db32","slug":"teachers-moved-out-torch-procession-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंदोलित शिक्षकों ने निकाला मशाल जुलूस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंदोलित शिक्षकों ने निकाला मशाल जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Mon, 30 Mar 2015 12:43 AM IST
विज्ञापन
पुरानी पेंशन योजना की बहाली समेत कई अन्य मांगों को लेकर आंदोलित माध्यमिक शिक्षक संघ ने रविवार को निषेधाज्ञा तोड़कर नगर में मशाल जुलूस निकाला।
जुलूस के माध्यम से शिक्षकों ने सोमवार से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार का ऐलान किया।
खास बात यह कि शिक्षक हितों से जुड़ी प्रमुख मांगों को लेकर चलाए जा रहे इस आंदोलन में माध्यमिक शिक्षक संघ के सभी घटक दल एक हो गए हैं।
जिले में चल रही संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षा और पीसीएस परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू की है। इसके तहत कानूनन कहीं भी पांच से अधिक लोग एकत्र नहीं हो सकते। मशाल जुलूस शाम पांच बजे सरस्वती बाल
विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से निकल कर जेसीज चौराहा, रोडवेज से होकर जेल तिराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। कलेक्ट्रेट में शिक्षकों ने एडीएम वित्त एवं राजस्व गंगाराम को पत्रक सौंपा।
मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक में शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि शिक्षक अब सरकार के किसी वादे पर भरोसा करने वाले नहीं हैं। अब उनकी मांगें पूरी की जाएंगी तभी हड़ताल वापस ली जाएगी।
विज्ञापन
बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन शिक्षक तब तक नहीं करेंगे जब तक उनकी बहु प्रतीक्षित मांगें पूरी नहीं की जाएगी। संघर्ष मोर्चा के संयोजक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री रमेश सिंह ने कहा कि शिक्षकों के सब्र का बांध अब टूट
चुका है। जिलाध्यक्ष नरसिंह ने कहा कि अपनी अस्मिता की रक्षा के लिए सभी शिक्षक एकजुट हैं। जुलूस में डा. राकेश सिंह, डा. प्रमोद श्रीवास्तव, शशि प्रकाश मिश्र, आजम खां, छोटेलाल यादव, मंगरूराम मौर्य, राजेश मिश्रा, रणजीत सिंह, गोपाल मिश्रा, डा. अखिलेश पांडेय, रामअचल, गजाधर राय, शिवकुमार, सुधाकर सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
जुलूस के माध्यम से शिक्षकों ने सोमवार से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार का ऐलान किया।
खास बात यह कि शिक्षक हितों से जुड़ी प्रमुख मांगों को लेकर चलाए जा रहे इस आंदोलन में माध्यमिक शिक्षक संघ के सभी घटक दल एक हो गए हैं।
जिले में चल रही संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षा और पीसीएस परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू की है। इसके तहत कानूनन कहीं भी पांच से अधिक लोग एकत्र नहीं हो सकते। मशाल जुलूस शाम पांच बजे सरस्वती बाल
विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से निकल कर जेसीज चौराहा, रोडवेज से होकर जेल तिराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। कलेक्ट्रेट में शिक्षकों ने एडीएम वित्त एवं राजस्व गंगाराम को पत्रक सौंपा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक में शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि शिक्षक अब सरकार के किसी वादे पर भरोसा करने वाले नहीं हैं। अब उनकी मांगें पूरी की जाएंगी तभी हड़ताल वापस ली जाएगी।
विज्ञापन
बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन शिक्षक तब तक नहीं करेंगे जब तक उनकी बहु प्रतीक्षित मांगें पूरी नहीं की जाएगी। संघर्ष मोर्चा के संयोजक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री रमेश सिंह ने कहा कि शिक्षकों के सब्र का बांध अब टूट
चुका है। जिलाध्यक्ष नरसिंह ने कहा कि अपनी अस्मिता की रक्षा के लिए सभी शिक्षक एकजुट हैं। जुलूस में डा. राकेश सिंह, डा. प्रमोद श्रीवास्तव, शशि प्रकाश मिश्र, आजम खां, छोटेलाल यादव, मंगरूराम मौर्य, राजेश मिश्रा, रणजीत सिंह, गोपाल मिश्रा, डा. अखिलेश पांडेय, रामअचल, गजाधर राय, शिवकुमार, सुधाकर सिंह आदि मौजूद थे।