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तीन कर्मियों के निलंबन का निर्देश
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Thu, 23 Jun 2016 12:35 AM IST
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विकास भवन सि्थत जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में फाइलों की जांच करते डीएम भानुचंद्र गोस्वामी।
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जिला पंचायत राज कार्यालय (डीपीआरओ) में बुधवार को डीएम के पहुंचते ही अफरातफरी मच गई। लिपिक अपनी-अपनी पत्रावलियां इधर-उधर छिपाने में जुट गए। निरीक्षण के दौरान डीएम ने कई खामियां पकड़ी। उन्होंने सभी लिपिकों की आलमारी खोलवाकर पत्रावलियों की जांच की।
खामी मिलने पर फटकार भी लगाई। उन्होंने तीन लिपिकों को निलंबित करने का निर्देश डीपीआरओ को दिया है। जिलाधिकारी भानुचन्द्र गोस्वामी ने जिला पंचायत राज कार्यालय में पहुंचते ही सबसे पहले विजय बहादुर लिपिक की आलमारी खुलवाकर पत्रावली का निरीक्षण किया। इसके बाद बृजेश व राकेश लिपिकों के भी आलमारी खुलवाकर पत्रावलियों की जांच की।
इस दौरान लिपिकों द्वारा जनसूचना अधिकार, उच्च न्यायालय के निर्देश का अनुपालन, जांच आदेशों को दबाए रखने और उच्चाधिकारियों के आदेशों का अनुपालन ठीक से नहीं कराना पाया गया। जिसको जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी शीतला प्रसाद श्रीवास्तव और पीडी व प्रभारी डीपीआरओ तेज प्रताप मिश्र को तत्काल जांच कमेटी का गठन करके पत्रावलियों का निरीक्षण कराने
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और शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसके बाद सीडीओ व प्रभारी डीपीआरओ ने जांच कमेटी गठित कर जांच कराना प्रारंभ कर दिया। इस दौरान राकेश लिपिक के पत्रावलियों की जांच पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शैलेष राय व जिला विकलांग कल्याण अधिकारी राजेश सोनकर द्वारा किया जा रहा है।
विजय बहादुर लिपिक के पत्रावलियों की जांच डीएसटीओ लक्ष्मीकान्त सिंह व एडीएसटीओ विरेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा की जा रही है। बृजेश लिपिक के पत्रावलियों की जांच जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल सोनकर व एडीसीओ राम सिंह द्वारा की जा रही है।
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खामी मिलने पर फटकार भी लगाई। उन्होंने तीन लिपिकों को निलंबित करने का निर्देश डीपीआरओ को दिया है। जिलाधिकारी भानुचन्द्र गोस्वामी ने जिला पंचायत राज कार्यालय में पहुंचते ही सबसे पहले विजय बहादुर लिपिक की आलमारी खुलवाकर पत्रावली का निरीक्षण किया। इसके बाद बृजेश व राकेश लिपिकों के भी आलमारी खुलवाकर पत्रावलियों की जांच की।
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इस दौरान लिपिकों द्वारा जनसूचना अधिकार, उच्च न्यायालय के निर्देश का अनुपालन, जांच आदेशों को दबाए रखने और उच्चाधिकारियों के आदेशों का अनुपालन ठीक से नहीं कराना पाया गया। जिसको जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी शीतला प्रसाद श्रीवास्तव और पीडी व प्रभारी डीपीआरओ तेज प्रताप मिश्र को तत्काल जांच कमेटी का गठन करके पत्रावलियों का निरीक्षण कराने
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और शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसके बाद सीडीओ व प्रभारी डीपीआरओ ने जांच कमेटी गठित कर जांच कराना प्रारंभ कर दिया। इस दौरान राकेश लिपिक के पत्रावलियों की जांच पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शैलेष राय व जिला विकलांग कल्याण अधिकारी राजेश सोनकर द्वारा किया जा रहा है।
विजय बहादुर लिपिक के पत्रावलियों की जांच डीएसटीओ लक्ष्मीकान्त सिंह व एडीएसटीओ विरेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा की जा रही है। बृजेश लिपिक के पत्रावलियों की जांच जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल सोनकर व एडीसीओ राम सिंह द्वारा की जा रही है।