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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Sub-Inspector arrested while accepting 10000 bribe name case deal struck tea stall Anti-Corruption Bureau

UP: केस में नाम बढ़ाने के लिए 10 हजार घूस लेते दरोगा अरेस्ट, चाय की दुकान पर कर रहा था डील; पहुंचा एंटी करप्शन

Thu, 09 Jul 2026 11:21 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 09 Jul 2026 11:21 PM IST
सार

Jaunpur News: जौनपुर के मड़ियाहूं कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक रामआसरे प्रजापति को विवेचना में मुलजिम का नाम बढ़ाने के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत लेते एंटी करप्शन वाराणसी की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई बेलवा रोड स्थित मौर्य चायपान की दुकान पर की गई। आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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Sub-Inspector arrested while accepting 10000 bribe name case deal struck tea stall Anti-Corruption Bureau
केस में नाम बढ़ाने के लिए 10 हजार घूस लेते दरोगा अरेस्ट। - फोटो : संवाद

विस्तार

वाराणसी मंडल की एंटी करप्शन टीम ने मड़ियाहूं कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक रामाश्रय (रामआसरे) प्रजापति को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई बृहस्पतिवार को मड़ियाहूं कस्बे के बेलवा रोड स्थित मौर्या टी स्टॉल (चाय की दुकान) पर की गई। उपनिरीक्षक पर मारपीट के एक मुकदमे की विवेचना में अन्य आरोपियों के नाम जोड़ने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।

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एंटी करप्शन विभाग की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के ककराही निवासी गोविंद सिंह ने आठ जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भतीजे अमन सिंह से जुड़े मारपीट के मुकदमे की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति अन्य लोगों के नाम मुकदमे में शामिल करने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप था कि रकम नहीं देने पर विवेचना को प्रभावित करने और आरोपियों के नाम न बढ़ाने की धमकी दी जा रही थी।

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शिकायत का सत्यापन करने के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया। योजना के तहत शिकायतकर्ता गोविंद सिंह ने उपनिरीक्षक को मड़ियाहूं कस्बे के मौर्या टी स्टॉल पर बुलाया। जैसे ही उपनिरीक्षक ने 10 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर लिए, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद की। मौके पर कराई गई रासायनिक जांच में हाथ धुलवाने पर पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।

गिरफ्तार उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति मूल रूप से बलिया जिले के फेफना थाना क्षेत्र के निवासी हैं। वर्ष 1989 में वह आरक्षी के पद पर भर्ती हुए थे और वर्ष 2023 में पदोन्नत होकर उपनिरीक्षक बने थे। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी के खिलाफ जलालपुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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