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सपाइयों का टूटा जीत की हैट्रिक बनाने का सपना.

Sat, 03 Jul 2021 11:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jul 2021 11:45 PM IST
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SP's dream of making hat-trick of victory shattered
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में जीत की हैट्रिक बनाने का सपना सपाइयों का टूट गया। सपा के जिलाध्यक्ष लाल बहादुर यादव ने कहा कि हम धन बल, बाहुबल और सत्ता के दबाव के कारण चुनाव हार गए हैं। सपा का जिले की इस प्रतिष्ठित पद पर लगातार साल 2013 से कब्जा था।
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इतिहास पर नजर डाले तो साल 2013 में सपा की शारदा चौधरी जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं थीं। इसके बाद सपा के ही राज बहादुर यादव लंबे अंतर से जीत दर्ज किए थे। इस बार भी जीत के सिलसिला का जारी रखने के लिए सपा ने निशी यादव को अपना प्रत्याशी बनाया था। पार्टी ने यह फैसला निशी यादव के परिवार की सक्रियता और उनके राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए लिया था। निशी के ससुर स्वर्गीय राज बहादुर यादव रारी विधानसभा से 1965 से लेकर 1978 तक विधायक रहें। कार्यकाल के दौरान ही उनका निधन हुआ था। जबकि निशी की सास कलावती यादव प्रधान, ब्लाक प्रमुख बनने के बाद 1774 में जिला पंचायत सदस्य बनीं थी। 2005 से लेकर 2010 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं। वहीं, स्वर्गीय राज बहादुर यादव के बेटे स्वर्गीय अर्जुन सिंह यादव 1885 में रारी से विधायक रहें। फिर 1989 में सदर विधानसभा से विधायक बनें और इसके बाद 1993 में जौनपुर लोकसभा सीट से सांसद बने थे। भाभी कमला यादव करंजाकला से ब्लाक प्रमुख रह चुकी हैं। जबकि उनके पति डा. जितेंद्र यादव-साल 2005 से लेकर 2015 तक जिला पंचायत सदस्य थे। वहीं, शुरू से ही पार्टी सपा के जिलाध्यक्ष लाल बहादुर यादव जीत को लेकर आश्वस्त थे। वह दावा कर रहे थे कि 42 से अधिक जिला पंचायत सदस्य सपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। उन्होंने इन सदस्यों को पार्टी के विधायकों के साथ सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से भी मुलाकात कराया था। इतना ही नहीं, शनिवार को पार्टी के कैंप कार्यालय से 36 जिला पंचायत सदस्यों को मतदान करने के लिए भेजने का दावा किया जा रहा है। लेकिन, निशी यादव को 12 ही मत मिले और वह तीसरे स्थान पर रही।
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- जिन्होंने हमारा साथ दिया उनका धन्यवाद, जो लोग नहीं साथ दे पाए वह धन-बल बाहुबल और सत्ता के दबाव के कारण मजबूर थे। हमारे कैंप कार्यालय से ही 36 जिला पंचायत सदस्य मतदान करने के लिए गए थे। हालांकि हम चुनाव हारे हैं, संघर्ष नहीं।
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-लाल बहादुर यादव, जिलाध्यक्ष सपा
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