{"_id":"67ab92c83f99b596a30efcb1","slug":"sp-mla-said-on-inspection-of-hospital-administration-is-hiding-figures-of-deaths-due-to-dengue-jaunpur-news-c-193-1-jon1003-129597-2025-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: सपा विधायक ने अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, बोलीं- डेंगू से मौत के आंकड़े छिपा रहा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: सपा विधायक ने अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, बोलीं- डेंगू से मौत के आंकड़े छिपा रहा प्रशासन
Wed, 12 Feb 2025 04:53 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 12 Feb 2025 04:53 PM IST
सार
जौनपुर जिले के मछलीशहर की विधायक ने अस्पताल का निरीक्षण करने के दौरान कहा कि सरकार की ओर से बजट भी दिया जा रहा है और खर्च भी हो रहा है लेकिन उसे कौन खा रहा है इसका पता नहीं है।
विज्ञापन
डेंगू
- फोटो : Istock
विस्तार
जौनपुर जिले के मछलीशहर की सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशासन पर डेंगू और अन्य गंभीर बीमारियों से मरने वाले मौत के आंकड़ों को छिपाने का आरोप लगाया।
विधायक ने महिला और पुरुष वार्डों में अल्ट्रासाउंड के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से बात की तो बाहर से दवा लिखे जाने की शिकायत आई। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था सहित इमारतें ध्वस्त हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार की ओर से बजट भी दिया जा रहा है और खर्च भी हो रहा है लेकिन उसे कौन खा रहा है इसका पता नहीं है।
उन्होंने कहा कि ओपीडी के कमरे खंडहर में तब्दील हो गए हैं। सभी दीवारों में सीलन है। डॉक्टर ही चपरासी से लेकर व्हीलचेयर, कंपाउंडर और खाना भी बनाने का काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
विधायक ने केंद्र सरकार के डिजिटलीकरण पर भी सवाल उठाते हुए दावों को झूठा बताया। कहा कि जब भी अस्पताल में कोई मरीज जाता है तो कागज और कलम से आधे- अधूरे रजिस्टर पर उनकी बातें दर्ज की जाती हैं।
विज्ञापन
विधायक ने महिला और पुरुष वार्डों में अल्ट्रासाउंड के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से बात की तो बाहर से दवा लिखे जाने की शिकायत आई। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था सहित इमारतें ध्वस्त हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार की ओर से बजट भी दिया जा रहा है और खर्च भी हो रहा है लेकिन उसे कौन खा रहा है इसका पता नहीं है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ओपीडी के कमरे खंडहर में तब्दील हो गए हैं। सभी दीवारों में सीलन है। डॉक्टर ही चपरासी से लेकर व्हीलचेयर, कंपाउंडर और खाना भी बनाने का काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
विधायक ने केंद्र सरकार के डिजिटलीकरण पर भी सवाल उठाते हुए दावों को झूठा बताया। कहा कि जब भी अस्पताल में कोई मरीज जाता है तो कागज और कलम से आधे- अधूरे रजिस्टर पर उनकी बातें दर्ज की जाती हैं।