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Jaunpur News: बीत गए छह साल, गांव रहे नहीं, शहर जैसे हो न सके
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बीत गए छह साल, गांव रहे नहीं, शहर जैसे हो न सके
जौनपुर। नगर पालिका क्षेत्र के आठ वार्ड ऐसे हैं जहां का विस्तार कर उन्हें 2017 में नगर पालिका में शामिल करा लिया गया। लेकिन यहां अब तक बुनियादी सुविधाएं नहीं उपलब्ध कराईं गई।यहां न तो कायदे की सड़क है और न ही बिजली की व्यवस्था। बांस बल्ली के सहारे तार लगे हैं। स्ट्रीट लाइट भी नहीं है। पानी का इंतजाम तक नहीं है, लोग अपनी व्यवस्था कर पानी का उपयोग कर रहे हैं।
नगर पालिका में 2017 तक 31 वार्ड था। इसके बाद विस्तारित कर आठ गांव नगर पालिका में और शामिल कर लिया गया है। छह साल बीत जाने के बाद इन विस्तारित वार्डों में विकास कार्य कुछ खास नहीं हुआ है। विस्तारित किए वार्डों में डेरायुसूफ, गंगा पट्टी, कलीचाबाद, चांदपुर, सैदनपुर, हरदीपुर, मीरपुर, देवचंदपुर है। इन वार्डों में से बुधवार को दो वार्ड चांदपुर व सैदनपुर में अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की। चांदपुर वार्ड में कच्ची सड़क से लोगों का आवागमन होता पाया गया। बरसात के दिनों में कीचड़ हो जाने से लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। नाली नहीं होने से सड़कों पर कई दिनों तक पानी भरा रहता है। वहीं बास बल्ली के सहारे बिजली के तार टिके हुए दिखे। इस वार्ड के सभासद लालबहादुर ने बताया कि वार्ड में विकास के लिए प्रस्ताव बनाकर नगर पालिका ने दिया है लेकिन अभी तक समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। इसके अलावा सैदनपुर में भी पक्की सड़क व नाली के अभाव में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई जगहों पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से अंधेरा पसरा रहता है। नगर पालिका की ओर से क्षेत्र की विकास के लिए कार्य योजना तैयार की जाती है, लेकिन विस्तारित क्षेत्रों में सड़क बिजली, पानी, नाली के निर्माण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे लोगों में असंतोष है।
चांदपुर वार्ड जब से बना है तब से लेकर आज तक सड़क की समस्या बनी हुई है। कच्ची रोड से आवागमन करना मजबूरी है। सबसे ज्यादा दिक्कतें बरसात में होती है।-अजय कुमार, चांदपुर।
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चांदपुर नगर पालिका को शामिल हुए छह साल हो गए, लेकिन अभी तक मोहल्ले के घरों में बिजली पहुंचने के लिए कायदे का इंतजाम नहीं है। कहीं बांस तो कहीं लोहे की पाइप लगाकर बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा है। -कामता राम, चांदपुर।
सैदनपुर गांव को नगर पालिका में 2017 में शामिल किया गया था, लेकिन अभी तक सड़कों के किनारे नाली नहीं बन पाई है। जिससे बारिश में सड़कों पर कई दिन तक पानी भरा रहता है। -विशाल यादव, सैदनपुर वार्ड।
वार्ड बनने के छह साल बाद भी सड़कें जस की तस हैं। कई जगह सड़केें इतनी खराब हैं कि आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।-राजू कुमार, सैदनपुर वार्ड।
नगर पालिका का पुराना क्षेत्र हो या विस्तारित क्षेत्र बजट के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर विकास कराया जा रहा है। जहां भी सड़क, नाली, बिजली आदि की असुविधा है वहां शीघ्र प्रस्ताव बनाकर कार्य कराया जाएगा। जल्द ही सभी विस्तारित वार्डों में सभी सुविधाएं प्रदान की जाएगी।
-पवन कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद जौनपुर।
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जौनपुर। नगर पालिका क्षेत्र के आठ वार्ड ऐसे हैं जहां का विस्तार कर उन्हें 2017 में नगर पालिका में शामिल करा लिया गया। लेकिन यहां अब तक बुनियादी सुविधाएं नहीं उपलब्ध कराईं गई।यहां न तो कायदे की सड़क है और न ही बिजली की व्यवस्था। बांस बल्ली के सहारे तार लगे हैं। स्ट्रीट लाइट भी नहीं है। पानी का इंतजाम तक नहीं है, लोग अपनी व्यवस्था कर पानी का उपयोग कर रहे हैं।
नगर पालिका में 2017 तक 31 वार्ड था। इसके बाद विस्तारित कर आठ गांव नगर पालिका में और शामिल कर लिया गया है। छह साल बीत जाने के बाद इन विस्तारित वार्डों में विकास कार्य कुछ खास नहीं हुआ है। विस्तारित किए वार्डों में डेरायुसूफ, गंगा पट्टी, कलीचाबाद, चांदपुर, सैदनपुर, हरदीपुर, मीरपुर, देवचंदपुर है। इन वार्डों में से बुधवार को दो वार्ड चांदपुर व सैदनपुर में अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की। चांदपुर वार्ड में कच्ची सड़क से लोगों का आवागमन होता पाया गया। बरसात के दिनों में कीचड़ हो जाने से लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। नाली नहीं होने से सड़कों पर कई दिनों तक पानी भरा रहता है। वहीं बास बल्ली के सहारे बिजली के तार टिके हुए दिखे। इस वार्ड के सभासद लालबहादुर ने बताया कि वार्ड में विकास के लिए प्रस्ताव बनाकर नगर पालिका ने दिया है लेकिन अभी तक समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। इसके अलावा सैदनपुर में भी पक्की सड़क व नाली के अभाव में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई जगहों पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से अंधेरा पसरा रहता है। नगर पालिका की ओर से क्षेत्र की विकास के लिए कार्य योजना तैयार की जाती है, लेकिन विस्तारित क्षेत्रों में सड़क बिजली, पानी, नाली के निर्माण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे लोगों में असंतोष है।
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चांदपुर वार्ड जब से बना है तब से लेकर आज तक सड़क की समस्या बनी हुई है। कच्ची रोड से आवागमन करना मजबूरी है। सबसे ज्यादा दिक्कतें बरसात में होती है।-अजय कुमार, चांदपुर।
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चांदपुर नगर पालिका को शामिल हुए छह साल हो गए, लेकिन अभी तक मोहल्ले के घरों में बिजली पहुंचने के लिए कायदे का इंतजाम नहीं है। कहीं बांस तो कहीं लोहे की पाइप लगाकर बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा है। -कामता राम, चांदपुर।
सैदनपुर गांव को नगर पालिका में 2017 में शामिल किया गया था, लेकिन अभी तक सड़कों के किनारे नाली नहीं बन पाई है। जिससे बारिश में सड़कों पर कई दिन तक पानी भरा रहता है। -विशाल यादव, सैदनपुर वार्ड।
वार्ड बनने के छह साल बाद भी सड़कें जस की तस हैं। कई जगह सड़केें इतनी खराब हैं कि आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।-राजू कुमार, सैदनपुर वार्ड।
नगर पालिका का पुराना क्षेत्र हो या विस्तारित क्षेत्र बजट के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर विकास कराया जा रहा है। जहां भी सड़क, नाली, बिजली आदि की असुविधा है वहां शीघ्र प्रस्ताव बनाकर कार्य कराया जाएगा। जल्द ही सभी विस्तारित वार्डों में सभी सुविधाएं प्रदान की जाएगी।
-पवन कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद जौनपुर।