जौनपुर। जनपद से कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी मामले की जांच में एसआईटी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अब आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर दिया जाएगा। वजह जांच के सिलसिले में तीन राज्यों में गई जौनपुर एसआईटी ने अब जिले में की गई कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी की पुष्टि कर दी है। कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले की जांच में जुटी एसआईटी दिसंबर में झारखंड के रांची, हिमाचल प्रदेश के बद्दी और हरियाणा के पानीपत गई थी। वहां कोडीनयुक्त कफ सिरप की फैक्टरी है। वहां से दस्तावेज जुटाने के बाद एंटी नारकोटिक्स ब्यूरो की ओर से त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल बॉर्डर पर की गई सिरप जब्तीकरण की कार्रवाई से मिलान किया गया। टीम को मिलान करने पर यह जानकारी मिली कि जिस कोडीनयुक्त कफ सिरप की रांची से जनपद में सप्लाई दिखाई गई है और गाजीपुर, चंदौली, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर, मऊ और प्रतापगढ़ भेजने की बात कही गई है, वह गलत है। यहां सप्लाई नहीं हुई। सिर्फ कागज पर सिरप की सप्लाई दिखाई गई है। क्योंकि वर्ष 2023 से 2025 के बीच जिस बैच नंबर से कफ सिरप की बिलिंग यहां की गई है, उनमें से कई बैच नंबर के कफ सिरप को त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के बॉर्डर पर तस्करी करते हुए पकड़ा गया है। इससे सिद्ध होता है कि शेष कफ सिरप की तस्करी की गई थी। एसआईटी से जुड़े अधिकारियों की त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल सीमा पर की गई जांच से अहम साक्ष्य मिले हैं। अब जल्द ही प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।