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Jaunpur News: उठने वाली थी बहन की डोली, उठ गई भाई की अर्थी

Thu, 30 Nov 2023 12:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 30 Nov 2023 12:02 AM IST
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Sister's palanquin was about to rise, brother's bier got up
जफराबाद। कस्बे के नैपुरा मोहल्ले का होनहार, पढ़ने में अच्छा और दिखने में सुंदर, शाहनवाज 26 नवंबर को अपनी बहन सना आफताब की शादी में दिल्ली से घर लौटा था। वह इंजीनियर था।
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शादी के बाद बुधवार को सना की विदाई के लिए जौनपुर मल्हनी पड़ाव से ससुराल के लोग आने वाले थे। बहन की विदाई के लिए मेहमानों के स्वागत की तैयारी में शाहनवाज जफराबाद बाजार कुछ सामान लेने गया था। बहन की डोली की तैयारी में शाहनवाज को दुनिया छोड़ने का संयोग क्षेत्र के लोगों के लिए आंसू बहाने पर मजबूर कर दिया। गांव के हर किसी की आंखें नम थीं। शाहनवाज के पिता डॉक्टर आफताब घटना की जानकारी के बाद से बार-बार बेहोश हो जा रहे हैं। घर में मेहमान इकट्ठा थे। माहौल खुशियों का था। लेकिन क्या पता था कि संयोग इस तरह से कहर बनकर टूटेगा। बहन की विदाई होनी थी। उसका भी रोते-रोते तबीयत बिगड़ जा रही है। गांव और घर में बहुत ही गमगीन माहौल बन गया है। गांव के लोगों ने बताया कि शाहनवाज बीटेक की पढ़ाई करने के बाद दिल्ली में इंजीनियर की नौकरी कर रहा था।
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कोचिंग पढ़ाकर परिवार चलाते थे राजदेव

जफराबाद। कस्बे के ताड़तला मुहल्ले में बुधवार की सुबह कार दुर्घटना में मौत के गाल में समाए तीन लोगों में एक 52 वर्षीय राजदेव यादव कोचिंग पढ़ाकर अपनी रोजी रोटी का इंतजाम करते थे। राजदेव के एक मात्र पुत्र संजय यादव शादी शुदा हैं। घर में पत्नी कमला देवी, बेटा सजंय यादव, बहू सीमा यादव तथा संजय के एक पुत्र व एक पुत्री हैं। राजदेव यादव पहले मुंबई में रहते थे। वहां से अब घर आकर रहने लगे थे। वह घरों में जाकर कोचिंग पढ़ाते थे। उससे उनका खर्च चल जाता था। बुधवार को भी वह चाय पीने के लिए रुके थे। उनको क्या मालूम की उनकी जिंदगी का अंतिम दिन है।
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चार पुत्रियों का पिता था बुजुर्ग सेवालाल
जफराबाद। कस्बे के ताड़तला मुहल्ले में हुई कार दुर्घटना में तीन मृतकों में एक सेवालाल राजगीर मिस्त्री का काम करते थे। उनकी चार पुत्रियां अनिता, सरिता, रीना तथा पुष्पा हैं। बुजुर्ग होने के बाद भी रोजी रोटी के लिए राजगीर मिस्त्री का काम करते थे। एक पुत्री मायके में ही रहती है। सेवालाल की मौत से कोहराम मच गया।
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